https://www.choptaplus.in/

सेमग्रस्त बंजर जमीन से कमाई का नया फॉर्मूला, किसान ईश्वर कड़वासरा का अनोखा प्रयोग सफल

 
हरियाणा के किसान ईश्वर कड़वासरा द्वारा सेमग्रस्त बंजर जमीन पर पॉली बैग और कैरेट में की गई करेले और तरबूज की खेती।

पिछले लगभग 15 वर्षों से सब्जियों की खेती कर रहे किसान ईश्वर कड़वासरा हर साल नई तकनीकों को अपनाकर खेती में प्रयोग करते रहते हैं। इस बार उन्होंने सेमग्रस्त जमीन में सब्जियों की खेती का ऐसा तरीका अपनाया, जो क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है।

आमतौर पर सेमग्रस्त जमीन में फसल उगाना काफी कठिन माना जाता है। ऐसी भूमि में न तो सामान्य फसलें अच्छी तरह उग पाती हैं और न ही सब्जियों की खेती सफल हो पाती है। लेकिन ईश्वर कड़वासरा ने इस चुनौती को अवसर में बदल दिया। उन्होंने खेत में पॉली बैग और कैरेट (क्रेट) में उपजाऊ मिट्टी भरकर करेले की बेलें लगाईं। इसके साथ ही बेलों के बीच की जगह में तरबूज की फसल भी लगाई।

इस अनोखे प्रयोग का परिणाम उम्मीद से कहीं बेहतर रहा। करेले की बेलें अच्छी तरह विकसित हुईं और तरबूज की फसल ने भी शानदार उत्पादन दिया। जहां पहले यह जमीन लगभग बंजर मानी जाती थी, वहीं अब उसी जमीन से अच्छी पैदावार प्राप्त हो रही है।

farmer ishwar kadwasra success story

किसान ईश्वर कड़वासरा का कहना है कि खेती में लगातार नए प्रयोग करने से ही सफलता मिलती है। उन्होंने बताया कि यदि किसान अपनी जमीन की परिस्थितियों के अनुसार तकनीक अपनाएं तो कम उपजाऊ या सेमग्रस्त भूमि को भी लाभदायक बनाया जा सकता है।

क्षेत्र के कई किसान अब उनके खेत का दौरा कर इस तकनीक की जानकारी ले रहे हैं। कृषि विशेषज्ञ भी इस प्रयोग को नवाचार का अच्छा उदाहरण मान रहे हैं। इससे उन किसानों को नई उम्मीद मिली है जिनकी जमीन सेम की समस्या के कारण खेती के लिए अनुपयुक्त होती जा रही है।

ईश्वर कड़वासरा की यह सफलता बताती है कि आधुनिक सोच, मेहनत और सही तकनीक के सहारे खेती में नई संभावनाएं तलाश की जा सकती हैं। उनका यह प्रयोग सेमग्रस्त क्षेत्रों के किसानों के लिए प्रेरणा बन सकता है और बंजर भूमि को भी आय का स्रोत बनाने की राह दिखाता है।

Rajasthan