Sirsa News: जिले के इन दो गांवों के लिए फिर खुला क्षतिपूर्ति पोर्टल, 28 अप्रैल तक दर्ज करवाएं नुकसान
Sirsa News: जिला प्रशासन ने आगजनी से प्रभावित दो और गांवों के किसानों की सुविधा के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल (e-Kshatipurti Portal) खोल दिया है। तहसील कालांवाली के गांव मिठड़ी और सिरसा तहसील के गांव थेहड़ी बाबा सावन सिंह के प्रभावित किसान 28 अप्रैल तक अपने नुकसान का विवरण पोर्टल पर दर्ज करवा सकते हैं। यह सुविधा रबी सीजन 2025-26 में आगजनी के कारण हुए नुकसान के दावों के लिए दी गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों को अपने नुकसान का दावा खसरा नंबर और किला नंबर के आधार पर ही दर्ज करवाना होगा। जिला राजस्व अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि तहसील सिरसा के गांव थेहड़ी बाबा सावन सिंह के खसरा नंबर 105//2 और 105//3 और तहसील कालांवाली के गांव मिठड़ी के खसरा नंबर 75//10/2, 75//11 और 75//12 मिन से संबंधित प्रभावित किसान अपना विवरण दर्ज करवा सकते हैं।
पोर्टल बंद होने से पहले ऑनलाइन दर्ज करवाना होगा दावा
किसानों को अपने नुकसान का दावा दर्ज करवाने के लिए निर्धारित अंतिम तिथि 28 अप्रैल 2026 है। इस तिथि के बाद पोर्टल बंद हो जाएगा और किसी भी विवरण में बदलाव या नया दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा। जिला राजस्व अधिकारी ने सभी प्रभावित किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि से पहले ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपना दावा दर्ज करें और संबंधित जानकारी पूर्ण एवं सही अपलोड करें।
पोर्टल पर दावा दर्ज करवाने के लिए किसानों को निम्नलिखित जानकारी अपलोड करनी होगी:
- प्रभावित खसरा नंबर और किला नंबर
- क्षतिग्रस्त फसल का क्षेत्रफल (एकड़ में)
- घटना की तारीख और समय
- आगजनी की घटना का संक्षिप्त विवरण
गलत जानकारी देने पर निरस्त हो सकता है दावा
जिला राजस्व अधिकारी संजय कुमार ने स्पष्ट किया है कि किसान पोर्टल पर जो भी विवरण दर्ज करवाएं, वह पूरी तरह सही होना चाहिए। अगर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या गलत जानकारी सामने आती है, तो संबंधित किसान का दावा तुरंत निरस्त कर दिया जाएगा। सरकार ने सभी दावों की ऑनलाइन जांच का प्रावधान किया है, जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी और सही पात्र किसानों को ही मुआवजा मिल सके।
किसान किसी भी प्रकार की सहायता के लिए अपने संबंधित तहसील कार्यालय या पटवारी से संपर्क कर सकते हैं। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि आगजनी जैसी आपदा से प्रभावित कोई भी पात्र किसान मुआवजे से वंचित न रहे। प्रशासन का लक्ष्य जल्द से जल्द सभी प्रभावित किसानों को राहत प्रदान करना है।
