Sirsa news: कृषि विभाग का जागरूकता शिविर, किसानों को बताया ग्वार में जड़गलन रोग का मात्र 15 रुपये में पक्का इलाज
मई में बिजाई से घटेगी ग्वार की पैदावार
ग्वार की अगेती बिजाई किसानों के लिए घाटे का सौदा साबित हो सकती है। ग्वार विशेषज्ञ डॉ. यादव ने गोष्ठी में मौजूद किसानों को सचेत करते हुए कहा कि मई महीने में ग्वार की बिजाई कदापि नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कारण स्पष्ट करते हुए बताया कि समय से पहले बिजाई करने से फसल की वानस्पतिक बढ़वार बहुत ज्यादा हो जाती है। ऐसे में फसल के गिरने की आशंका बढ़ जाती है और फाल भी कम लगता है। इसके अलावा पौधे के निचले हिस्से में बनने वाली फलियां सिकुड़ कर सूख जाती हैं, जिसका सीधा विपरीत असर कुल पैदावार पर पड़ता है।

बिजाई का सही समय और उन्नत किस्में
ग्वार की बेहतर फसल के लिए उचित समय और सही बीज का चुनाव बेहद जरूरी है। डॉ. यादव ने बताया कि ग्वार की बिजाई के लिए जून का दूसरा पखवाड़ा सबसे उत्तम रहता है। सिंचित क्षेत्रों के किसान जून में नहर के अतिरिक्त पानी की उपलब्धता होने पर बिजाई शुरू कर सकते हैं, जबकि बारानी क्षेत्रों में मानसून की अच्छी बारिश के बाद ही बिजाई करना फायदेमंद है। अच्छी पैदावार लेने के लिए किसानों को उन्नतशील किस्मों जैसे एचजी 365, एचजी 563 व एचजी 2-20 का ही चयन करना चाहिए।
जड़गलन रोग का 15 रुपये में पक्का इलाज
इस क्षेत्र में ग्वार की फसल में जड़गलन (उखेड़ा) रोग एक बड़ी समस्या है। किसानों से मुखातिब होते हुए विशेषज्ञों ने बताया कि इस रोग की फफूंद जमीन के अंदर पनपती है और उगते हुए पौधों की जड़ों पर सीधा हमला करती है। इससे जड़ें काली पड़ जाती हैं और पौधे को जमीन से खुराक मिलनी बंद हो जाती है। इस बीमारी का एकमात्र और सबसे सस्ता इलाज बीज उपचार है। डॉ. यादव ने सलाह दी कि 3 ग्राम कार्बन्डाजिम 50 प्रतिशत (बेविस्टीन) प्रति किलो बीज की दर से 15 से 20 मिनट तक सूखा उपचारित करने के बाद ही बिजाई करें। मात्र 15 रुपये के इस सस्ते उपाय से रोग पर 80 से 95 प्रतिशत तक काबू पाया जा सकता है।
मिट्टी जांच और नई तकनीक पर जोर
शिविर में कृषि अधिकारियों ने किसानों से खेती के पारंपरिक तरीके छोड़कर नई व वैज्ञानिक तकनीक अपनाने का आह्वान किया। एटीएम डॉ. मदन सिंह ने जोर देते हुए कहा कि कोई भी फसल बोने से पहले खेत की मिट्टी और पानी की जांच करवाना अत्यंत आवश्यक है। शिविर में 82 किसानों ने भाग लिया। इस मौके पर हिंदुस्तान गम एंड केमिकल्स भिवानी की ओर से किसानों को बीज उपचार के लिए दो एकड़ की वेबिस्टिन दवाई बतौर सैंपल और दस्ताने निशुल्क वितरित किए गए।
प्रश्नोत्तरी सभा में पांच किसान हुए सम्मानित
कार्यक्रम के सफल आयोजन में गांव के पूर्व सरपंच विनोद कुमार का विशेष योगदान रहा। गोष्ठी के अंत में ग्वार की खेती से जुड़ी एक प्रश्नोत्तरी सभा भी आयोजित की गई, जिसमें सही जवाब देने वाले पांच किसानों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर गांव के प्रगतिशील किसान मुन्शीराम, बृजलाल, धन्नाराम, रामस्वरूप, बुधराम और अजय पूनिया समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे।
