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हरियाणा में कृषि विभाग का बड़ा ऐलान: राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत बीजों की खरीद पर बंपर अनुदान शुरू

क्या आप भी करते हैं खेती? सिरसा में इन प्रमाणित बीजों पर मिल रही भारी सब्सिडी, तुरंत उठाएं फायदा
 
 
सिरसा में कृषि विभाग की योजना के तहत अनुदानित दरों पर गेहूं और धान के प्रमाणित बीज खरीदते किसान

सिरसा में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा 'राष्ट्रीय कृषि विकास योजना' के तहत किसानों की आय और फसल उत्पादन बढ़ाने के लिए एक अहम पहल की गई है। बुधवार (11 मार्च) को विभाग ने बताया कि किसानों को गेहूं, धान, बाजरा और जौ के प्रमाणित बीजों की खरीद पर 1000 से 1500 रुपये प्रति क्विंटल तक का भारी अनुदान (सब्सिडी) दिया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को कम लागत में उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराना है ताकि फसलों की पैदावार में सुधार हो सके।

गेहूं-धान पर 1000 और जौ के बीज पर 1500 रुपये प्रति क्विंटल की छूट

इस योजना के अंतर्गत किसानों को मुख्य फसलों के बीजों पर सीधी राहत दी जा रही है। कृषि विभाग के अनुसार, गेहूं, बाजरा और धान के प्रमाणित बीजों की खरीद पर किसानों को 1000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अनुदान मिलेगा। वहीं, जौ के प्रमाणित बीजों पर यह सब्सिडी 1500 रुपये प्रति क्विंटल तक तय की गई है। इस आर्थिक मदद से किसान कम खर्चे में अच्छी क्वालिटी के बीज खरीद सकेंगे, जिससे फसल की गुणवत्ता और पैदावार दोनों में सीधा सुधार देखने को मिलेगा।

सिरसा में कृषि विभाग की योजना के तहत अनुदानित दरों पर गेहूं और धान के प्रमाणित बीज खरीदते किसान
सिरसा में अनुदानित दरों पर उन्नत किस्म के बीज खरीदते किसान

पैक्स और सहकारी समितियों से मिलेंगे बीज, रोगों से होगा बचाव

अनुदान का लाभ उठाने के लिए किसानों को अधिकृत सहकारी संस्थाओं के माध्यम से ही बीजों की खरीद करनी होगी। इनमें मुख्य रूप से पैक्स (PACS), सहकारी समितियां, हरियाणा सीड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन और नेशनल सीड्स कॉरपोरेशन शामिल हैं, जहां ये बीज अनुदानित दरों पर उपलब्ध कराए गए हैं।

कृषि विभाग के उप निदेशक डा. सुखदेव सिंह ने बताया कि इन प्रमाणित बीजों के इस्तेमाल से न केवल फसल की गुणवत्ता बेहतर होती है, बल्कि फसलों में लगने वाले रोगों का खतरा भी काफी हद तक कम हो जाता है। इससे किसानों को बंपर उत्पादन प्राप्त करने में मदद मिलती है, जिससे अंततः उनकी आय में वृद्धि होती है। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपने नजदीकी सहकारी संस्थान या कृषि विभाग के कार्यालय में संपर्क कर इस योजना की विस्तृत जानकारी लें और इसका अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
 

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