हरियाणा के 150 सरकारी स्कूल बनेंगे इंटरनेशनल स्टैंडर्ड, CM सैनी ने किया ऐलान — 719 मॉडल स्कूल भी होंगे अपग्रेड
-
हरियाणा के 150 सरकारी स्कूलों के भवन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनेंगे, डिजाइन में देश के अग्रणी राज्यों के मॉडल होंगे शामिल
-
719 मॉडल स्कूलों (संस्कृति मॉडल स्कूल, सीएम अर्ली इंग्लिश एंड एक्सीलेंस स्कूल, पीएम श्री विद्यालय) का बुनियादी ढांचा होगा मजबूत
-
स्मार्ट क्लासरूम, AI आधारित शिक्षण, डिजिटल लाइब्रेरी, व्यावसायिक शिक्षा और अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं होंगी उपलब्ध
-
वित्त विभाग को निर्देश — विकास कार्यों के लिए बजट की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य के 150 सरकारी स्कूलों के नए भवन अंतरराष्ट्रीय मानकों (इंटरनेशनल स्टैंडर्ड) पर विकसित करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार 31 जुलाई 2026 को चंडीगढ़ स्थित अपने आधिकारिक आवास 'संत कबीर कुटीर' में स्कूल शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। बैठक में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा भी मौजूद रहे।
150 स्कूलों के लिए क्या होगा खास?
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकारी स्कूलों को आधुनिक शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा。 150 नए राजकीय विद्यालयों के भवन अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किए जाएंगे। इनके डिजाइन और निर्माण में देश के अग्रणी राज्यों तथा प्रतिष्ठित संस्थानों के श्रेष्ठ मॉडल और विशेषज्ञों का सहयोग लिया जाएगा。
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों में डिजिटल और स्मार्ट कक्षाओं के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित शिक्षण, व्यावसायिक शिक्षा, अत्याधुनिक विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाएं और डिजिटल पुस्तकालय स्थापित किए जाएंगे。 प्रस्तावित 150 नए स्कूल और 719 मॉडल स्कूल राज्य के अन्य सरकारी स्कूलों के लिए आदर्श (बेंचमार्क) बनेंगे।
719 मॉडल स्कूलों को भी मिलेगी आधुनिक सुविधाएं
समीक्षा बैठक में 719 उत्कृष्ट विद्यालयों (मॉडल स्कूल) के सुदृढ़ीकरण पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इनमें संस्कृति मॉडल स्कूल, मुख्यमंत्री अर्ली इंग्लिश एंड एक्सीलेंस स्कूल तथा पीएम श्री विद्यालय शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी उत्कृष्ट विद्यालयों में आवश्यक बुनियादी सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाएं。
इन स्कूलों में ये सुविधाएं होंगी:
-
नए भवन और अतिरिक्त कक्षाएं
-
पृथक शौचालय (लड़के-लड़कियों के लिए अलग)
-
मजबूत चारदीवारी
-
खेल मैदान
-
विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाएं
-
डिजिटल लैब
-
स्मार्ट कक्षाएं
-
पुस्तकालय
-
आधुनिक फर्नीचर और टैबलेट
AI, स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल लाइब्रेरी पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों को उच्च गुणवत्ता वाले फर्नीचर, डिजिटल और स्मार्ट कक्षाओं, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित शिक्षण सुविधाओं, व्यावसायिक शिक्षा, अत्याधुनिक विज्ञान और कंप्यूटर प्रयोगशालाओं तथा डिजिटल पुस्तकालयों से लैस किया जाएगा。
सरकार का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाला शिक्षण वातावरण प्रदान करना है, ताकि ये स्कूल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के केंद्र के रूप में उभर सकें。
बजट और समय सीमा को लेकर क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन विकास कार्यों के लिए बजट की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी और सभी निर्माण कार्य समय पर पूरे किए जाएं। अधिकारियों को इस महत्वाकांक्षी योजना को समयबद्ध तरीके से लागू करने और हरियाणा को स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के निर्देश दिए गए।
शिक्षा मंत्री का भी बड़ा निर्देश
बैठक में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने भी अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षण-अधिगम के माहौल को बेहतर बनाने के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों की पहचान की जाए, उन्हें प्रोत्साहित किया जाए और सम्मानित किया जाए। साथ ही, सभी सरकारी स्कूलों में सफाई, पेयजल सुविधाओं और स्वच्छता मानकों को और बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए।
बैठक में कौन-कौन थे मौजूद?
स्कूल शिक्षा विभाग की इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव यशपाल यादव, माध्यमिक शिक्षा महानिदेशक जितेंद्र दहिया, निदेशक मनीता मलिक और शिक्षा परियोजना परिषद के निदेशक स्वप्निल रवींद्र पाटिल समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

