हरियाणा में शिक्षा व्यवस्था सुधारने की तैयारी, 700स्कूलों में बनेंगे नए भवन; 719स्कूलों में लगेंगी कंप्यूटर लैब
हरियाणा सरकार प्रदेश के सरकारी स्कूलों की हालत सुधारने के लिए कई बड़े कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने करीब 700 जर्जर स्कूलों की जगह नए भवन बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा प्रदेश के 719 उत्कृष्ट स्कूलों में इसी साल कंप्यूटर लैब स्थापित की जाएंगी। सरकार का उद्देश्य बच्चों को स्कूलों में बेहतर सुविधाएं और पढ़ाई के लिए अच्छा माहौल उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने स्कूलों के भवन, शिक्षकों की कमी, बच्चों की सुरक्षा, पीने के पानी, डिजिटल शिक्षा और अन्य जरूरी सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूलों में सुधार से जुड़े काम तय समय पर पूरे किए जाएं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जिन करीब 700 सरकारी स्कूलों के भवन जर्जर हो चुके हैं, वहां नए भवन बनाने का काम जल्द शुरू किया जाए। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि नए भवन बनाते समय उनकी गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए। स्कूलों में हवा आने-जाने की अच्छी व्यवस्था हो और नए डिजाइन के अनुसार भवन तैयार किए जाएं। गर्मी के मौसम में बच्चों को परेशानी न हो, इसके लिए हर स्कूल में सोलर सिस्टम लगाने पर भी जोर दिया गया है।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी स्कूलों के नए भवनों का निर्माण अगले एक साल के भीतर पूरा किया जाए।
हरियाणा के 719 उत्कृष्ट स्कूलों में लगेंगे 10-10 कंप्यूटर
सरकार ने डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भी योजना बनाई है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी 719 उत्कृष्ट स्कूलों में कम से कम 10 कंप्यूटर वाली आईसीटी लैब स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। यह काम इसी साल पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके लिए हारट्रोन को कंप्यूटर खरीदने की प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा गया है। इन लैब के बनने से विद्यार्थियों को कंप्यूटर सीखने और तकनीक के माध्यम से पढ़ाई करने का बेहतर अवसर मिलेगा।
प्रदेश में चल रहे हैं 14,297 सरकारी स्कूल
बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया ने बताया कि हरियाणा में कुल 14,297 सरकारी स्कूल संचालित हो रहे हैं।
प्रदेश में हर पांच किलोमीटर पर मुख्यमंत्री उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं प्रारंभिक शिक्षा स्कूल और हर 10 किलोमीटर पर पीएम श्री व राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों की व्यवस्था के तहत कुल 719 उत्कृष्ट स्कूल चलाए जा रहे हैं।
इन स्कूलों में नए भवन बनाने, पुराने भवनों की मरम्मत करने, कंप्यूटर लैब स्थापित करने और दूसरी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए काम किया जा रहा है। साथ ही शिक्षकों के खाली पद भरने और स्कूलों में संचार व्यवस्था बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
सभी सरकारी स्कूलों में पीने के पानी की होगी जांच
बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी 14,297 सरकारी स्कूलों में पीने के पानी की जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों में पानी की गुणवत्ता तय मानकों के अनुसार नहीं है, उनकी अलग सूची तैयार की जाए। इसके बाद संबंधित विभाग के माध्यम से पानी की समस्या दूर करवाई जाए। जरूरत पड़ने पर स्कूलों में आरओ सिस्टम भी लगाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने जलभराव की समस्या से जूझ रहे स्कूलों में भी स्थायी समाधान करने को कहा। इसके लिए रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अपनाने का सुझाव दिया गया है, ताकि बारिश के पानी का सही तरीके से इस्तेमाल किया जा सके।
हर जिले को मिलेंगे एक-एक करोड़ रुपये
स्कूलों में जरूरी सुधार कार्य करवाने के लिए सरकार ने जिलों को आर्थिक सहायता देने की तैयारी की है। मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग को सभी जिलों में एक-एक करोड़ रुपये की राशि भेजने के निर्देश दिए हैं। इस राशि से स्कूलों में जरूरत के अनुसार जरूरी काम करवाए जाएंगे।
इसके साथ ही स्कूलों में चल रहे सुधार कार्यों पर नजर रखने के लिए एक पोर्टल भी बनाया जाएगा। इसके माध्यम से अलग-अलग जिलों में काम की प्रगति की जानकारी मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अतिरिक्त उपायुक्त और शिक्षा विभाग के अधिकारी हर महीने स्कूलों में चल रहे कार्यों की समीक्षा करें। वहीं, मुख्यमंत्री खुद हर तीन महीने में शिक्षा विभाग के कामकाज की समीक्षा करेंगे।
स्कूलों में लगाए गए 10 लाख से ज्यादा पौधे
हरियाणा में चलाए गए पौधारोपण अभियान के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश के 13,126 स्कूलों में कुल 10,47,122 पौधे लगाए गए।
इस अभियान में 11,77,766 विद्यार्थियों और 74,419 शिक्षकों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि उनकी देखभाल करना और उन्हें सुरक्षित रखना भी जरूरी है।
इस पहल का उद्देश्य बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और स्कूलों में हरियाली बढ़ाना है।
स्कूलों से हटेंगी हाईटेंशन तारें, बच्चों को मिलेगा खेल का सामान
मुख्यमंत्री ने स्कूलों की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर भी अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों के ऊपर से हाईटेंशन बिजली की तारें गुजर रही हैं, उन्हें हटवाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।
इसके अलावा सभी सरकारी स्कूलों में खेल का सामान उपलब्ध करवाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर टेंडर प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है। इससे बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
बैठक में शिक्षकों के खाली पदों को भरने, पार्टटाइम सफाई कर्मचारियों के अनुबंध, गैर-शिक्षण कार्यों के लिए अलग कैडर बनाने और शिक्षकों के मेडिकल व एलटीसी बिलों से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी मामलों में जरूरी कार्रवाई की जाए, ताकि स्कूलों में कामकाज बेहतर हो और विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा के साथ जरूरी सुविधाएं मिल सकें।
बैठक में शिक्षा विभाग और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित हारट्रोन तथा शिक्षा परिषद के अधिकारी भी मौजूद रहे।

