स्कूली बच्चों को लेकर हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, बच्चों के बनेंगे पहचान पत्र, अभिभावकों को मिलेंगे ये बड़े लाभ
चंडीगढ़/सिरसा: हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों के लिए एक अहम फैसला लिया है। निपुण हरियाणा मिशन के तहत अब पूरे राज्य के सरकारी स्कूलों में कक्षा पहली से पांचवीं तक के हर बच्चे को एक खास 'निपुण पहचान पत्र' दिया जाएगा। यह पहचान पत्र महज एक आईडी कार्ड नहीं होगा, बल्कि इसके जरिए बच्चे की पढ़ाई और प्रगति से सीधे तौर पर जोड़ा जाएगा।
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि पहचान पत्र के पीछे एक QR कोड छपा होगा। अभिभावक इसे अपने स्मार्टफोन से स्कैन करते ही संबंधित कक्षा के पाठ्यक्रम-आधारित शैक्षणिक वीडियो तक पहुंच जाएंगे। इससे अभिभावक केवल स्कूल मीटिंग तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि हर दिन की पढ़ाई पर नजर रख सकेंगे।
पहचान पत्र पर क्या-क्या जानकारी होगी और QR कोड कैसे काम करेगा
पहचान पत्र के आगे की तरफ बच्चे का नाम, कक्षा, एसआरएन नंबर, जन्मतिथि, स्कूल का नाम और माता-पिता का संपर्क विवरण दर्ज होगा, ताकि किसी भी स्थिति में छात्र की पूरी पहचान तुरंत हो सके। पीछे की साइड पर QR कोड होगा जिसे स्कैन करने पर अभिभावक को उस बच्चे की कक्षा से जुड़े पाठ्यक्रम के वीडियो तुरंत मिलेंगे। इससे घर पर भी बच्चे की पढ़ाई में माता-पिता की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होगी।
रोहतक के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी दिलजीत सिंह ने बताया कि निपुण हरियाणा मिशन के तहत पढ़ने वाले बच्चों को ये पहचान पत्र देने के आदेश जारी किए गए हैं। सिरसा जिले में भी निपुण हरियाणा मिशन को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए तैयारियां तेज हैं और 23 अप्रैल तक जिले के करीब 1600 शिक्षकों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित है।
बच्चों की सुरक्षा और अभिभावकों की भागीदारी — दोनों एक साथ होंगे मजबूत
इस योजना से अभिभावकों को दोहरा फायदा होगा। एक तरफ पहचान पत्र में दर्ज संपर्क विवरण से बच्चे की सुरक्षा और पहचान तुरंत सुनिश्चित होगी, तो दूसरी तरफ QR कोड स्कैन करते ही घर बैठे ही बच्चे की कक्षा के वीडियो देखकर पढ़ाई में मदद मिल सकेगी। निपुण हरियाणा मिशन के तहत बालवाटिका-3 से लेकर कक्षा पांच तक के बच्चों की बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान की दक्षताओं को मजबूत करना इस पूरे अभियान का मूल उद्देश्य है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का लक्ष्य है कि वर्ष 2026-27 तक कक्षा तीन के अंत तक सभी बच्चे पढ़ने, लिखने और संख्या ज्ञान में ग्रेड स्तर की योग्यता हासिल कर लें।हरियाणा का यह निपुण पहचान पत्र उसी राष्ट्रीय मिशन की कड़ी में एक ठोस और व्यावहारिक कदम है, जो बच्चे की पहचान, सुरक्षा और शिक्षा — तीनों को एक साथ मजबूत करेगा।
