रेडियो की राष्ट्र के निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका
सिरसा रेडियो की राष्ट्र के निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका है और ग्रामीण भारत के साथ-साथ युवा पीढ़ी भी इस जन माध्यम को पसंद करती है। ये विचार चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के कम्युनिटी रेडियो स्टेशन के गवर्निंग बॉडी के संरक्षक एवं विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर विजय कुमार ने गवर्निंग बॉडी के सदस्यों की एक महत्त्वपूर्ण बैठक के दौरान व्यक्त किए। कुलगुरु ने कहा कि रेडियो स्टेशन के कार्यक्रमों में विविधता एवं गुणवत्ता को बरकरार रखकर सामुदायिक विकास सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी कम्युनिटी रेडियो स्टेशन की शक्ति उसके श्रोता होते हैं। इसलिए श्रोताओं के पसंद के कार्यक्रम रेडियो स्टेशन के माध्यम से प्रसारित किए जाने चाहिए।
कुलगुरु ने कहा कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी तथा प्राध्यापकों को भी रेडियो स्टेशन के कार्यक्रमों के साथ जोड़ा जाए ताकि विद्यार्थियों की पर्सनालिटी को निखारने का कार्य भी रेडियो स्टेशन के माध्यम से किया जा सके। उन्होंने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान का कार्य शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ आउटरेज कार्य को बढ़ावा देना भी होता है। इसलिए शिक्षा के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र की सूचना संबंधी आवश्यकता को पहचान कर रेडियो कार्यक्रमों का निर्माण किया जाना चाहिए।
विश्वविद्यालय प्रशासन की एक नई पहल के अंतर्गत गवर्निंग बॉडी के सदस्यों के लिए रेडियो सेट्स वितरित करने की योजना है। इसका उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में संवाद और सहयोग को बढ़ावा देना है। रेडियो के माध्यम से न केवल शैक्षणिक कार्यक्रमों का प्रसारण होगा, बल्कि विद्यार्थियों, शिक्षकों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान भी होगा। इस पहल के अंतर्गत प्रशासनिक अधिकारी भी इन रेडियो सेट्स का उपयोग करेंगे, जिससे वे कॉलेज की उपलब्धियों, आगामी प्रशासनिक कार्यक्रमों और छात्रों के लिए नए अवसरों के बारे में बेहतर जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा, प्रतिभाशाली और मेधावी छात्रों को पहचानने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए रेडियो पर उनके बारे में विशेष प्रसारण किए जाएंगे, जिससे छात्रों का उत्साहवर्धन हो सके। इसके साथ ही, एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा जिसमें शिक्षक, प्रशासनिक अधिकारी, साहित्यकार और समाजसेवी लोग शामिल होंगे। इस ग्रुप के माध्यम से शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यक्रमों की सूचनाएं साझा की जाएंगी। साथ ही, पॉडकास्ट के माध्यम से समाजसेवियों और विशेषज्ञों के विचार भी विद्यार्थियों तक पहुंचाए जाएंगे।
कार्यक्रमों में नवीनतम तकनीकी विकास, साहित्य, सामाजिक कार्य और स्वास्थ्य से संबंधित टॉपिक्स पर चर्चा की जाएगी। इसके साथ-साथ प्रो. उमेद सिंह और छिंदरपाल कौर जैसे प्रतिष्ठित व्यक्तित्व विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देंगे। इस पहल से छात्रों को न केवल शिक्षा के बारे में जानकारी मिलेगी, बल्कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से योगदान देने के अवसर भी मिलेंगे।
विद्यार्थियों और शैक्षणिक अधिकारियों से फीडबैक लिया जाएगा
रेडियो के सभी कार्यक्रमों के बारे में सिरसा के विद्यार्थियों और शैक्षणिक अधिकारियों से फीडबैक लिया जाएगा, ताकि आगे आने वाले कार्यक्रमों में सुधार किया जा सके और हम यह सुनिश्चित कर सकें कि सभी को अधिक से अधिक लाभ हो। भारत के शैक्षणिक संस्थानों में चल रहे कम्युनिटी रेडियो स्टेशन के कार्यक्रमों का अध्ययन करने का सुझाव भी बैठक में सदस्यों द्वारा दिया गया। सदस्यों द्वारा सरकार की विभिन्न योजनाओं के प्रचार प्रसार के लिए रेडियो को टूल के रूप में प्रयुक्त करने का सुझाव दिया गया। बेहतर जीवन शैली, इनोवेटिव आइडिया, युवाओं को नशे से दूर रखना, सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार आदि पर कार्यक्रम तैयार करने की चर्चा भी बैठक के दौरान की गई। बैठक का संचालन कम्युनिटी रेडियो स्टेशन के निदेशक प्रोफेसर सेवा सिंह बाजवा द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रो. अनु शुक्ला, प्रो. उमेद सिंह, प्रो. डी पी वारने, प्रो. रणजीत कौर, प्रो. मोहम्मद काशिफ किदवई, डॉ अमित, डॉ रविंद्र सहित, छिंदरपाल कौर, सनमीत सिंह, राजेश कम्बोज, रोहतास, दर्शन आदि उपस्थित थे।
