सिरसा के सरकारी स्कूलों में शुरू हुई एटीएल कार्यशाला, रोबोटिक्स और AI की मिलेगी शिक्षा
सिरसा जिले में शिक्षा के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत हुई है। विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक और विज्ञान से जोड़ने के लिए राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मेला ग्राउंड सिरसा और राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मंडी डबवाली में चार दिवसीय अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) कार्यशाला का विधिवत शुभारंभ किया गया है। कार्यशाला के पहले दिन शिक्षकों और प्राचार्यों में भारी उत्साह देखने को मिला। जिले भर के 26 विद्यालयों में पहले ही अटल टिंकरिंग लैब्स स्थापित की जा चुकी हैं, जो अब ग्रामीण और शहरी छात्रों को प्रयोगात्मक शिक्षा से जोड़ रही हैं।
इस विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और कंप्यूटर साइंस के प्रवक्ताओं ने हिस्सा लिया। इसके अलावा पीएम श्री विद्यालयों के प्राचार्यों ने भी इसमें सक्रिय सहभागिता निभाई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता और समस्या समाधान क्षमता को विकसित करना है। भविष्य की तकनीकी चुनौतियों को देखते हुए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे सरकारी स्कूलों के बच्चे भी प्राइवेट स्कूलों की तरह आधुनिक तकनीक सीख सकेंगे।
कार्यशाला के दौरान शिक्षकों को अत्याधुनिक तकनीकों जैसे रोबोटिक्स, 3डी प्रिंटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और सेंसर आधारित परियोजनाओं की पूरी जानकारी दी गई। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सिरसा में आयोजित सत्र को संबोधित करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष कुमार फुटेला ने कहा कि अटल टिंकरिंग लैब विद्यार्थियों की रचनात्मकता को नई दिशा देने का सबसे प्रभावी मंच है। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे इस प्रशिक्षण का लाभ सीधा विद्यालय स्तर पर बच्चों तक पहुंचाएं।
कार्यक्रम में मौजूद जिला विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. मुकेश कुमार ने तकनीकी शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज के दौर में बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखना काफी नहीं है। बच्चों को नए आइडियाज पर काम करने और प्रयोग करने का पूरा अवसर मिलना चाहिए। इस दौरान स्टेम्पीडिया (STEMpedia) की ओर से आए विशेषज्ञ ट्रेनर अनिल कुमार, सौरभ, राहुल और पवन कुमार ने शिक्षकों को एटीएल उपकरणों के संचालन की व्यावहारिक ट्रेनिंग दी।
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ट्रेनर्स ने डिजाइन थिंकिंग और प्रोजेक्ट आधारित गतिविधियों के माध्यम से समझाया कि कैसे बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभा को बाहर निकाला जा सकता है। कार्यशाला के पहले दिन का माहौल पूरी तरह से ऊर्जा और तकनीकी जिज्ञासा से भरा रहा। शिक्षा विभाग और आयोजकों को पूरा विश्वास है कि यह चार दिवसीय कार्यशाला सिरसा जिले में नवाचार आधारित शिक्षा को एक नई और तेज गति प्रदान करेगी, जिसका सीधा फायदा आने वाली पीढ़ी को मिलेगा।
