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हरियाणा के भिवानी में तूफान का भयंकर कहर: 340 बिजली के खंभे और 50 ट्रांसफार्मर गिरे, दर्जनों गांवों में छाया अंधेरा

 
भिवानी के बहल क्षेत्र में तेज आंधी और ओलावृष्टि के कारण खेतों में गिरे हुए बिजली के खंभे और क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मर का दृश्य।

भिवानी (हरियाणा)। हरियाणा के भिवानी जिले के बहल क्षेत्र में गुरुवार देर शाम आई भयंकर आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाते हुए बिजली वितरण व्यवस्था को पूरी तरह से ठप कर दिया है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के 340 से अधिक बिजली के खंभे और 50 ट्रांसफार्मर उखड़ कर जमीन पर गिर गए। मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से थोड़ी राहत तो मिली, लेकिन बुनियादी ढांचे के तहस-नहस होने से दर्जनों गांवों में अंधेरा छा गया और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा।

आंधी इतनी तेज थी कि खेतों और रास्तों में लगे बिजली के भारी-भरकम पोल तिनके की तरह उखड़ गए। कृषि क्षेत्र को इस तूफान से सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है, जहां सिंचाई के लिए लगाए गए 50 से अधिक ट्रांसफार्मर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। खंभे और तारें टूटने से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति भी ठप हो गई, जिससे लोगों को कई घंटों तक भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

बिजली निगम (बहल सब-डिवीजन) के सहायक महाप्रबंधक (AGM) ऋषभ कुमार ने इस तबाही की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रारंभिक आकलन के अनुसार विभाग को करीब 22 लाख रुपये का भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि आपदा के तुरंत बाद फील्ड कर्मचारियों की कई टीमें गठित कर दी गई हैं, जो युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य में जुटी हुई हैं। अधिकारियों के मुताबिक, दिन-रात काम करके अधिकांश गांवों में घरेलू (आबादी देह) बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। वहीं, कृषि और सिंचाई फीडर से संबंधित लाइनों और ट्रांसफार्मरों को दुरुस्त करने का काम तेजी से चल रहा है।

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प्राकृतिक आपदा से हुए इस नुकसान के बाद प्रशासन और बिजली निगम अलर्ट मोड पर हैं। किसानों के लिए यह दोहरी मार है, क्योंकि एक तरफ सिंचाई प्रभावित हुई है, तो दूसरी तरफ ओलावृष्टि से खेतों में नुकसान की आशंका है। ऐसे में जो किसान टूटे हुए तारों या गिरे हुए ट्रांसफार्मर के कारण किसी भी तरह के कृषि नुकसान का सामना कर रहे हैं, वे सरकारी नियमानुसार मुआवजे के लिए आवेदन कर सकते हैं।

बिजली आपूर्ति की शिकायत व नुकसान दर्ज करने की प्रक्रिया:

  1. बिजली गुल होने या खंभे/तार टूटने की शिकायत दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के टोल-फ्री नंबर 1912 या 1800-180-4334 पर तुरंत दर्ज करवाएं।
  2. खेतों में गिरे हुए ट्रांसफार्मर या लाइव वायर (जिंदा तारों) के करीब बिल्कुल न जाएं और नजदीकी सब-स्टेशन को सूचित करें।
  3. ओलावृष्टि या बिजली व्यवस्था गिरने से फसल या उपकरणों का नुकसान होने पर किसान 72 घंटे के भीतर 'ई-फसल क्षतिपूर्ति' (e-Kshatipurti) पोर्टल पर अपनी रिपोर्ट दर्ज करें।
     
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