https://www.choptaplus.in/

बिजली संकट से कारोबार पर संकट! 12 कारखानों और 519 छोटे उद्योगों की बढ़ी परेशानी

 
 बिजली संकट से कारोबार पर संकट! 12 कारखानों और 519 छोटे उद्योगों की बढ़ी परेशानी

औद्योगिक क्षेत्र में बिजली कटौती से उत्पादन प्रभावित, कर्मचारियों की तीन दिन की हड़ताल ने बढ़ाई चिंता; समय पर ऑर्डर पूरे करना हो सकता है मुश्किल

औद्योगिक इकाइयों के लिए बिजली की नियमित सप्लाई बेहद जरूरी है। मशीनें कुछ समय के लिए भी बंद हों तो उत्पादन से लेकर माल की लोडिंग तक का काम प्रभावित होने लगता है। ऐसे में बिजली की बार-बार कटौती और बिजली कर्मचारियों की तीन दिन की हड़ताल ने उद्योगपतियों की चिंता बढ़ा दी है। औद्योगिक क्षेत्र की 12 फैक्टरियों और 519 छोटी औद्योगिक इकाइयों पर इसका असर पड़ने की आशंका है।

गुरुवार को बिजली की सप्लाई बीच-बीच में बाधित होने से फैक्टरियों में कामकाज प्रभावित हुआ। कहीं मशीनें रुक गईं तो कहीं उत्पादन और माल की लोडिंग में देरी हुई। उद्योग संचालकों को चिंता है कि अगर बिजली की समस्या लंबे समय तक बनी रही तो तय समय पर ऑर्डर पूरे करना मुश्किल हो सकता है।

15 से 30 मिनट तक बिजली कटने से काम प्रभावित

औद्योगिक क्षेत्र में गुरुवार को कई बार बिजली सप्लाई बाधित हुई। करीब 15 से 30 मिनट तक बिजली कटने के कारण फैक्टरियों में कामकाज प्रभावित रहा। मशीनों के रुकने से उत्पादन की रफ्तार पर असर पड़ा और माल तैयार करने व उसकी लोडिंग में भी परेशानी आई।

उद्योग संचालकों का कहना है कि बिजली कटौती का असर केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रहता। मशीनें बंद होने के बाद काम दोबारा शुरू करने में समय लगता है। इससे उत्पादन की लागत बढ़ सकती है और ग्राहकों को समय पर माल भेजना भी चुनौती बन जाता है।

 तीन दिन की हड़ताल ने बढ़ाई चिंता

बिजली कर्मचारियों की तीन दिन की हड़ताल के कारण उद्योग संचालकों को इस बात की चिंता है कि बिजली से जुड़ी शिकायतों का समाधान समय पर हो पाएगा या नहीं। अगर किसी फैक्टरी में बिजली सप्लाई से जुड़ी समस्या आती है तो उसे ठीक करवाने में देरी होने की आशंका है।

इसी को देखते हुए बिजली निगम ने औद्योगिक क्षेत्र के पांच बिजली घरों पर निजी कंपनी के चार-चार तकनीकी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है, ताकि बिजली व्यवस्था को संभालने और जरूरत पड़ने पर तकनीकी समस्याओं को दूर करने में मदद मिल सके।

 ऑर्डर समय पर पूरे करना हो सकता है मुश्किल

उद्योगों में उत्पादन का काम तय समय के हिसाब से चलता है। बिजली बार-बार जाने से मशीनों का काम रुकता है और उत्पादन का पूरा शेड्यूल बिगड़ सकता है। इसका असर माल की पैकिंग, लोडिंग और डिलीवरी पर भी पड़ता है।

उद्योगपतियों को डर है कि यदि बिजली की समस्या लगातार बनी रही तो ऑर्डर तैयार करने में देरी हो सकती है। इससे कारोबार की लागत बढ़ने के साथ ग्राहकों को समय पर माल पहुंचाने में भी परेशानी आएगी।

 फिलहाल हालात ज्यादा गंभीर नहीं, लेकिन चिंता बरकरार

उद्योगपति सतपाल अग्रवाल के अनुसार, बिजली कटौती से मशीनों का काम रुकता है, जिससे उत्पादन में लगने वाला समय और खर्च दोनों बढ़ सकते हैं। फिलहाल स्थिति बहुत ज्यादा गंभीर नहीं है, लेकिन अगर बिजली की सप्लाई में लगातार बाधा आती रही तो उद्योगों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

उद्योग संचालक चाहते हैं कि बिजली व्यवस्था सुचारू बनी रहे और किसी भी तकनीकी खराबी को जल्द ठीक किया जाए, ताकि उत्पादन प्रभावित न हो और तय समय पर ऑर्डर पूरे किए जा सकें।

Rajasthan