कैबिनेट मंत्री ने टाला कांडा का बयान: बोले- हरियाणा की 36 बिरादरी का साझा योगदान ही असली ताकत.

हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने करनाल दौरे के दौरान हलोपा प्रमुख गोपाल कांडा के विवादित बयान पर सीधे तौर पर प्रतिक्रिया देने से परहेज किया। कांडा ने हाल ही में यह दावा किया था कि रानियां उपचुनाव में अभय चौटाला के बेटे कर्ण चौटाला की जीत पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की ‘मेहरबानी’ से हुई है।
जब मीडिया ने इस बयान पर मंत्री डॉ. अरविंद से प्रतिक्रिया मांगी, तो उन्होंने सीधा जवाब देने की बजाय बात को टालते हुए कहा कि, “हरियाणा की 36 बिरादरियों का योगदान ही असली ताकत है। कोई भी सिस्टम तभी बनता है जब समाज का हर वर्ग उसमें भागीदारी करे।”
रानियां उपचुनाव पर उठे सियासी सवाल
गौरतलब है कि रानियां उपचुनाव में कर्ण चौटाला की जीत को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल मची हुई है। गोपाल कांडा ने दावा किया था कि यह जीत मनोहर लाल खट्टर के इशारे पर सुनिश्चित की गई। हालांकि, बीजेपी और जेजेपी के कई नेता पहले ही इस बयान को व्यक्तिगत राय बता चुके हैं।
मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा के बयान को भी इसी दिशा में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा, “हरियाणा में विकास तभी संभव है जब सभी बिरादरियों और समाज के हर तबके को साथ लेकर चला जाए। सरकारें किसी एक व्यक्ति की नहीं, समाज की सोच से बनती हैं।”
सामाजिक समरसता और विकास पर दिया जोर
अपने दौरे के दौरान डॉ. अरविंद ने करनाल में विभिन्न विकास परियोजनाओं का जायजा भी लिया और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें कीं। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का उद्देश्य सभी वर्गों को बराबरी से साथ लेकर चलना है। उन्होंने कहा, “36 बिरादरियों की एकता ही हरियाणा की पहचान है। हम सामाजिक समरसता बनाए रखेंगे।”
राजनीतिक बयानबाज़ी से बचते दिखे मंत्री
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि डॉ. अरविंद शर्मा का यह रुख स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि वे कांडा के बयानों को तूल नहीं देना चाहते। इससे पहले भी वे विवादित मुद्दों पर सधी हुई प्रतिक्रिया देने के लिए जाने जाते हैं।