CET 2025: फ्री यात्रा सुविधा पर सरकार का फोकस, 8 हजार बसों का इंतजाम; पड़ोसी जिलों में होंगे परीक्षा केंद्र.

हरियाणा में ग्रुप-सी पदों के लिए होने वाले कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) 2025 को लेकर सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 26 और 27 जुलाई 2025 को होने वाली इस परीक्षा के लिए लगभग 13.48 लाख अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है।
परीक्षा को सफल बनाने के लिए सरकार न सिर्फ परीक्षा केंद्रों की मैपिंग कर रही है, बल्कि यात्रा सुविधा को लेकर भी बड़ा कदम उठाने जा रही है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संकेत दिए हैं कि इस बार भी CET अभ्यर्थियों को फ्री यात्रा सुविधा मिल सकती है। इसके तहत राज्य परिवहन विभाग द्वारा 8000 से अधिक बसों की व्यवस्था की जा रही है।
यह कदम पूर्व वर्षों की तर्ज पर लिया गया है ताकि परीक्षा देने वाले छात्रों को यात्रा में कोई असुविधा न हो।
हरियाणा रोडवेज की बसों के अलावा सरकार प्राइवेट स्कूलों और कॉलेजों की बसों को भी स्टेज कैरिज स्कीम के तहत इस कार्य में शामिल कर रही है।
परिवहन मंत्री अनिल विज और आयुक्त टीएल सत्यप्रकाश स्वयं इस व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। इनका उद्देश्य यह है कि हर डिपो से परीक्षा केंद्रों तक सीधी और सुविधाजनक यात्रा हो सके।
परीक्षा केंद्र होंगे नजदीकी जिलों में
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) की योजना है कि अधिकतर परीक्षार्थियों को उनके पड़ोसी जिलों में ही परीक्षा देनी पड़े। इससे उन्हें लंबी दूरी की यात्रा से राहत मिलेगी और समय की भी बचत होगी।
कुछ संभावित परीक्षा केंद्रों की योजना:
अंबाला के अभ्यर्थी – चंडीगढ़
भिवानी के अभ्यर्थी – चरखी दादरी, हिसार, महेंद्रगढ़
चंडीगढ़ के अभ्यर्थी – यमुनानगर
चरखी दादरी के अभ्यर्थी – महेंद्रगढ़
फरीदाबाद के अभ्यर्थी – पलवल
गुरुग्राम के अभ्यर्थी – फरीदाबाद
हिसार के अभ्यर्थी – भिवानी, फतेहाबाद
झज्जर के अभ्यर्थी – फरीदाबाद, रोहतक
कैथल के अभ्यर्थी – पंचकूला, चंडीगढ़
नूंह के अभ्यर्थी – फरीदाबाद, गुरुग्राम
पानीपत के अभ्यर्थी – सोनीपत
रेवाड़ी के अभ्यर्थी – गुरुग्राम
सोनीपत के अभ्यर्थी – गुरुग्राम
कुरुक्षेत्र के अभ्यर्थी – अंबाला, चंडीगढ़
इस तरह के क्रॉस-जिला प्लानिंग मॉडल के तहत हर जिले के लिए नजदीकी परीक्षा केंद्र निर्धारित किए जाएंगे।
CET 2025 हरियाणा सरकार के लिए एक बड़ा लॉजिस्टिक चैलेंज है, लेकिन सरकार इसे फ्री यात्रा और स्मार्ट सेंटर लोकेशन की मदद से आसान बनाने में जुटी है।
मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री की सीधी निगरानी में यह व्यवस्था न सिर्फ अभ्यर्थियों के लिए सुविधाजनक साबित होगी, बल्कि राज्य के भीतर परीक्षा प्रणाली को पारदर्शिता और कुशलता के साथ संचालित करने का एक अच्छा उदाहरण भी बनेगी।