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चौधरी देवीलाल राजकीय बहु तकनीकी संस्थान नाथूसरी चौपटा में पानी भरा: विद्यार्थियों की छुट्टी, ऑनलाइन क्लास शुरू

सिरसा-भादरा रोड पर जलभराव से रूट डाइवर्ट
 
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विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई व्यवस्था

चोपटा। नाथूसरी चौपटा क्षेत्र में लगातार बारिश और सेम (जलभराव) की समस्या ने ग्रामीणों, किसानों और विद्यार्थियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। चौधरी देवीलाल राजकीय बहु तकनीकी संस्थान नाथूसरी चोपटा पूरी तरह से पानी से घिर गया है। संस्थान के प्रांगण में करीब 22 एकड़ क्षेत्र में जलभराव हो चुका है।

इससे न केवल कक्षाओं पर असर पड़ा है बल्कि विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं। अब विद्यार्थियों की पढ़ाई ऑनलाइन क्लास के माध्यम से करवाई जा रही है।

संस्थान में 1000 से अधिक प्रशिक्षणार्थी प्रभावित

चौधरी देवीलाल राजकीय बहु तकनीकी संस्थान में करीब 1000 प्रशिक्षणार्थी विभिन्न कोर्सों में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। पानी भरने के कारण हॉस्टल, प्रैक्टिकल बिल्डिंग और क्लासरूम तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। हालांकि अभी तक प्रयोगशालाओं और प्रशासनिक कार्यालयों में पानी नहीं घुसा है।

संस्थान के प्राचार्य विवेक वोहरा ने बताया कि स्टाफ की मदद से लगातार पानी निकासी का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन संस्थान की जमीन आसपास के खेतों से नीची होने के कारण पानी लगातार भीतर भरता जा रहा है।

सिरसा-भादरा रोड पर 2 से 3 फीट पानी, यातायात प्रभावित

संस्थान से सटी हुई सिरसा-भादरा रोड भी जलभराव से प्रभावित है। करीब 2 से 3 फीट तक पानी भर जाने के कारण यातायात बाधित हो गया है। इस वजह से प्रशासन ने नाथूसरी चौपटा से दड़बा कलां तक रूट डाइवर्टकर दिया है।

वाहन चालकों को करीब 15 किलोमीटर लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। सिरसा से भादरा की ओर जाने वाले वाहनों को दड़बा कलां से रुपाणा खुर्द, लुदेसर होते हुए नाथूसरी चौपटा आना पड़ रहा है। इससे आम जनता और व्यापारियों दोनों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

 10 दिन से बनी हुई है स्थिति

लगातार बारिश और सेम के कारण यह स्थिति पिछले 10 दिनों से बनी हुई है। शनिवार को दोबारा बारिश शुरू होते ही जलस्तर और बढ़ गया। ग्रामीणों का कहना है कि अगर अगले कुछ दिन में बारिश जारी रही तो स्थिति और बिगड़ सकती है।

किसानों और पशुपालकों की बढ़ी चिंता

पानी भरने से सिर्फ संस्थान और सड़क ही प्रभावित नहीं हुए, बल्कि ग्रामीणों और किसानों के सामने भी गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।

 आसपास के खेतों में करीब 1000 हेक्टेयर जमीन जलमग्न हो चुकी है।

नरमा, मूंगफली, धान और मूंग की फसलें पूरी तरह डूब चुकी हैं।

 लगभग 4000 एकड़ जमीन की फसल बर्बाद हो चुकी है।

पशुपालकों को चारे और पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि गांवों के जोहर, तालाब, गलियां और स्कूल तक पानी से भरे हुए हैं। नहराणी, शक्कर मंदोरी और अन्य गांवों के स्कूल प्रांगणों में पानी जमा होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

संस्थान के प्रांगण में जलभराव की असली वजह

संस्थान की जमीन अन्य खेतों से नीची होने के कारण यहां जलभराव सबसे ज्यादा हो रहा है। इसके अलावा पास से गुजरने वाली हिसार-घग्घर ड्रेन (सेमनाला) का सीधा असर भी संस्थान पर पड़ता है। बारिश और सेम की वजह से पानी का स्तर दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।

विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई व्यवस्था

संस्थान प्रबंधन ने विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए ऑनलाइन क्लासेस शुरू कर दी हैं। छुट्टी के दौरान भी स्टाफ लगातार जलनिकासी कार्य में लगा हुआ है। प्राचार्य विवेक वोहरा ने बताया कि अगर पानी की निकासी जल्द नहीं हुई तो प्रयोगशालाओं और कार्यालयों पर भी असर पड़ सकता है।

प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती

लगातार बढ़ते जलस्तर और यातायात बाधित होने के कारण प्रशासनिक स्तर पर चुनौतियां और बढ़ गई हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सेम नाले की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाए और पानी निकासी के लिए पंपिंग सेट व अन्य संसाधन लगाए जाएं।

चौधरी देवीलाल राजकीय बहु तकनीकी संस्थान नाथूसरी और सिरसा-भादरा रोडपर जलभराव की समस्या पिछले कई दिनों से बनी हुई है। इससे जहां विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं किसानों और ग्रामीणों की आजीविका भी खतरे में है। प्रशासन को तुरंत प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है ताकि शिक्षा और खेती दोनों पर मंडरा रहा संकट कम किया जा सके।

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