जिला सिरसा की टूटी नहर, 100 फुट चोड़ी आई दरार धान और नरमे की फसल में जलभराव
सिरसा जिला के गांव मौजगढ़ भाखड़ा हेड से निकलने वाले कालुआना लिंक चैनल में रात गांव गंगा के रकबे में बुर्जी नंबर 35 के पास अचानक दरार आ गई। करीब एक 100 फिट से अधिक क्षेत्र में हुए कटाव के कारण आसपास के खेतों में पानी भर गया, वहीं मिट्टी के बहाव से धान की फसल को भी नुकसान पहुंचा। किसानों ने नहरी विभाग पर समय रहते कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए रोष जताया है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए किसान छबीला राम ने बताया कि उसकी ढाणी खेत में ही है। शुक्रवार अलसुबह जब वह बाहर निकला तो चारों ओर पानी भरा हुआ था। माइनर पर जाकर देखा तो वहां करीब एक एकड़ से अधिक क्षेत्र में कटाव हुआ था और पानी लगातार खेतों की ओर बढ़ रहा था।
उसने तुरंत इसकी सूचना नहरी विभाग के बेलदार गुरचरण सिंह और मेट संदीप को दी। दोनों कर्मचारियों ने उच्च अधिकारियों को माइनर टूटने की जानकारी दी।
सूचना के बाद रात करीब 3:15 बजे मौजगढ़ हेड से माइनर का पानी बंद करवाया गया। हालांकि, पानी बंद होने तक माइनर के साथ लगते 10 एकड़ से अधिक क्षेत्र में मिट्टी का कटाव होने से धान के खेतों में मिट्टी भर गई और फसल जलमग्न हो गई। इससे किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा।
पहले भी टूट चुका है माइनर, मरम्मत नहीं होने का आरोप
किसान देवीलाल, हरप्रीत सिंह और काला सिंह ने संबंधित विभाग के अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा कि सूचना मिलने के बावजूद विभागीय अधिकारी समय पर मौके पर नहीं पहुंचे। उनके अनुसार, अधिकारियों के पहुंचने में हुई देरी के कारण पानी खेतों में फैलता रहा और किसानों का नुकसान बढ़ गया।
किसानों ने बताया कि इससे पहले भी इसी स्थान से थोड़ी दूरी पर माइनर टूट चुका है। उस समय भी उन्होंने संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों से लीपापोती करने के बजाय माइनर की उचित मरम्मत करवाने की मांग उठाई थी। विभागीय अधिकारियों ने नियमित सफाई और मरम्मत करवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन किसानों के अनुसार इस दिशा में पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। अब दोबारा माइनर टूटने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है।
किसानों का कहना है कि माइनर में इतनी बड़ी दरार पहले कभी नहीं आई। उनका आरोप है कि विभाग समय रहते मौके पर पहुंचकर उचित कदम उठाता तो नुकसान को कम किया जा सकता था।
किसानों ने बताया कि माइनर में पानी केवल एक सप्ताह के लिए छोड़े जाने की संभावना थी। ऐसे में माइनर टूटने से सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हुई है। इस समय सरसों की बिजाई के लिए खेतों में सिंचाई पानी की आवश्यकता है, लेकिन माइनर क्षतिग्रस्त होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। किसानों ने विभाग से मांग की कि माइनर की स्थायी और सही तरीके से मरम्मत करवाई जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटना से उनकी फसलों को नुकसान न हो।
माइनर में आई बड़ी दरार की सूचना पाकर नहरी विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की देखरेख में दरार को भरने और माइनर की मरम्मत का कार्य शुरू करवाया गया।
पेड़ों की जड़ों से रिसाव होने के कारण आई दरार : कार्यकारी अभियंता
इस संबंध में नहरी विभाग के कार्यकारी अभियंता रोहताश सहारण ने बताया कि कालुआना लिंक चैनल में पेड़ों की जड़ों के कारण रिसाव हुआ, जिससे दरार आ गई। उन्होंने कहा कि एसडीओ की देखरेख में मरम्मत कार्य करवाया जा रहा है। दरार को भरकर माइनर की उचित तरीके से मरम्मत करवाई जाएगी।

