EPFO 2.01: हरियाणा में नौकरी बदलने पर अब ऑटोमैटिक ट्रांसफर होगा PF, जानें क्या बदला
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपना अपग्रेडेड प्लेटफॉर्म EPFO 2.01 लॉन्च कर दिया है। इस नए सिस्टम के तहत देशभर के 120 से अधिक अलग-अलग डेटाबेस को मिलाकर एक सिंगल सेंट्रलाइज्ड नेशनल डेटाबेस तैयार किया गया है, जिसमें 34 करोड़ से अधिक EPF खातों का डेटा शिफ्ट किया गया है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब सदस्य किसी भी अधिकृत EPFO कार्यालय से अपनी सेवाएं ले सकेंगे, चाहे उनका पुराना रिकॉर्ड किसी भी शहर में क्यों न हो।
नौकरी बदलने पर ऑटोमैटिक होगा PF ट्रांसफर
EPFO 2.01 की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अगर UAN आधार से लिंक है तो नौकरी बदलने पर PF बैलेंस ऑटोमैटिक ट्रांसफर हो जाएगा। इसके लिए अलग से कोई ट्रांसफर फॉर्म भरने या पुराने और नए नियोक्ता से मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी। पहले PF ट्रांसफर के लिए सोर्स और डेस्टिनेशन दोनों ऑफिसों की मंजूरी लेनी पड़ती थी, लेकिन अब डेस्टिनेशन ऑफिस की मंजूरी की जरूरत खत्म कर दी गई है। सोर्स ऑफिस से मंजूरी मिलते ही PF बैलेंस अपने आप नए अकाउंट में ट्रांसफर हो जाएगा।
आपके लिए हरियाणा की ताजा खबरें
हरियाणा की 10 यूनिवर्सिटी के संविदा शिक्षक भी होंगे पक्के, हरियाणा सरकार ने मांगी ये जानकारी
हरियाणा के सरकारी व प्राइवेट स्कूल यूनिफॉर्म में बदलाव, HSCPCR ने जारी की एडवाइजरी
EPFO का अनुमान है कि इस बदलाव से 1.25 करोड़ से अधिक सदस्यों को लाभ मिलेगा और हर साल करीब 90,000 करोड़ रुपये के ट्रांसफर आसान होंगे। अगर कोई सदस्य मैन्युअल रूप से ट्रांसफर करना चाहता है, तो पोर्टल पर दो ऑप्शन उपलब्ध हैं - 'Request for Transfer of Account' और 'Member Service History' के जरिए ट्रांसफर क्लेम।
5 लाख तक का ऑटो क्लेम
EPFO 2.01 में ऑटो-सेटलमेंट की सीमा बढ़ा दी गई है। अब पूरी तरह KYC-कंप्लायंट सदस्य 5 लाख रुपये तक के एडवांस क्लेम का ऑटो-सेटलमेंट करा सकेंगे। पहले यह सीमा 1 लाख रुपये थी। इसके अलावा बीमारी, शादी, शिक्षा और आवास जैसे कारणों के लिए ऑटो क्लेम की सुविधा भी बढ़ा दी गई है।
क्लेम से पहले होगी ऑटो जांच
नए सिस्टम में क्लेम जमा होने से पहले ही ऑटोमैटिक प्री-वैलिडेशन हो जाएगा। सिस्टम खुद ही डॉक्यूमेंट्स की जांच करेगा और कोई कमी या गलती होने पर तुरंत SMS या पोर्टल के जरिए सूचना देगा। सदस्य क्लेम करने से पहले ही देख सकेंगे कि वे अलग-अलग श्रेणियों के तहत कितनी राशि निकाल सकते हैं। इससे क्लेम खारिज होने की संभावना कम हो जाएगी।
सर्विस हिस्ट्री से मिलेगी पूरी जानकारी
EPFO 2.01 में सर्विस हिस्ट्री नाम का एक नया फीचर जोड़ा गया है। इसके जरिए सदस्य अपनी UAN से लिंक पूरी एम्प्लॉयमेंट हिस्ट्री देख सकते हैं। इसमें पिछले और मौजूदा नियोक्ता, ज्वाइनिंग और एग्जिट की तारीख, साथ ही EPF और EPS मेम्बरशिप की जानकारी शामिल है। यह फीचर उन लोगों के लिए खासा मददगार है, जो कई बार नौकरी बदल चुके हैं और उन्हें अपने पुराने PF अकाउंट की जानकारी नहीं है।
UAN भूल गए तो चिंता न करें
अगर किसी सदस्य को अपना UAN याद नहीं है, तो वह EPFO 2.01 पोर्टल के जरिए उसे आसानी से रिकवर कर सकता है। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, वैलिड आइडेंटिटी या एड्रेस प्रूफ अपलोड करके और OTP वेरिफिकेशन के बाद UAN रिकवर किया जा सकता है। हालांकि, EPFO ने UAN एक्टिवेशन की प्रक्रिया को UMANG ऐप पर शिफ्ट कर दिया है, जहां अब आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन अनिवार्य होगा।
E-PRAAPTI से मिलेंगे पुराने PF अकाउंट
EPFO ने अप्रैल 2026 में E-PRAAPTI (Employee Provident Fund Aadhaar-Based Access Portal for Immediate Information) नाम का एक प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया था। इसके जरिए सदस्य अपने भूल गए PF अकाउंट को ट्रेस कर सकते हैं, उन्हें दोबारा एक्टिवेट करा सकते हैं और अपनी UAN से लिंक कर सकते हैं।
PF ब्याज 15 जुलाई तक आएगा
EPFO 2.01 की एक और बड़ी उपलब्धि यह है कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 8.25 फीसदी ब्याज 15 जुलाई तक सदस्यों के खातों में क्रेडिट कर दिया जाएगा। पहले ब्याज दर घोषित होने के बाद इसे खातों में डालने में अक्टूबर-नवंबर तक का समय लग जाता था। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने बताया कि 34 करोड़ से अधिक खातों में करीब 1.44 लाख करोड़ रुपये का ब्याज ऑटो-प्रोसेस किया जाएगा। ब्याज की गणना अब पिछले महीने के आखिरी दिन की बजाय भुगतान अधिकृत करने की तारीख तक की जाएगी।
EPFO 2.01 अभी पूरी तरह काम नहीं कर रहा
EPFO ने साफ किया है कि EPFO 2.01 पोर्टल अभी पूरी तरह फंक्शनल नहीं है। कुछ फीचर्स पर अभी काम चल रहा है और अगले कुछ दिनों-हफ्तों में धीरे-धीरे सभी सुविधाएं उपलब्ध हो जाएंगी। शुरुआती दिनों में कुछ सेवाओं में देरी या तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं। CITES 2.01 प्रोजेक्ट को केंद्रीय बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज ने 2021 में मंजूरी दी थी और जनवरी 2023 में इस पर काम शुरू हुआ था।
यूपीआई से भी हो सकेगा PF विदड्रॉल
मनसुख मांडविया ने बताया कि CITES के देशव्यापी कार्यान्वयन के बाद UPI-लिंक्ड विदड्रॉल की सुविधा भी शुरू की जाएगी। साथ ही, संशोधित फ्रेमवर्क के तहत सदस्य अपने PF बैलेंस का 75 फीसदी तक निकाल सकेंगे।
FAQ SECTION
प्रश्न 1: EPFO 2.01 क्या है?
EPFO 2.01 EPFO का अपग्रेडेड यूनिफाइड मेंबर पोर्टल है, जिसमें देशभर के 120 से अधिक डेटाबेस को मिलाकर एक सेंट्रलाइज्ड सिस्टम बनाया गया है। इससे PF क्लेम, ट्रांसफर, ब्याज क्रेडिट और अन्य सेवाएं पहले से तेज और आसान हो गई हैं।
प्रश्न 2: नौकरी बदलने पर PF ऑटोमैटिक ट्रांसफर कैसे होगा?
अगर UAN आधार से लिंक है, तो नई नौकरी ज्वाइन करने पर PF बैलेंस अपने आप नए अकाउंट में ट्रांसफर हो जाएगा। इसके लिए अलग से कोई फॉर्म भरने या नियोक्ता से मंजूरी लेने की जरूरत नहीं है।
प्रश्न 3: EPFO 2.01 में ऑटो क्लेम की सीमा क्या है?
पूरी तरह KYC-कंप्लायंट सदस्यों के लिए ऑटो-सेटलमेंट की सीमा 1 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है।
प्रश्न 4: EPFO 2.01 में सर्विस हिस्ट्री फीचर क्या है?
सर्विस हिस्ट्री फीचर के जरिए सदस्य अपनी UAN से लिंक पूरी एम्प्लॉयमेंट हिस्ट्री देख सकते हैं। इसमें पिछले और मौजूदा नियोक्ता, ज्वाइनिंग-एग्जिट की तारीख और EPF-EPS मेम्बरशिप की जानकारी शामिल है।
प्रश्न 5: UAN भूल गए हैं तो क्या करें?
EPFO 2.01 पोर्टल पर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और वैलिड आइडेंटिटी प्रूफ अपलोड करके OTP वेरिफिकेशन के बाद UAN रिकवर किया जा सकता है। UAN एक्टिवेशन अब UMANG ऐप पर आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए होगा।
