Cyber Fraud Alert: गूगल से निकाला कस्टमर केयर नंबर तो पलक झपकते ही खाली हो जाएगा बैंक अकाउंट, डबवाली SP ने जारी की चेतावनी
डबवाली (05 मार्च)। आज के डिजिटल दौर में किसी भी समस्या के समाधान के लिए सबसे पहले स्मार्टफोन निकालकर गूगल पर सर्च करना आम बात हो गई है। चाहे मोबाइल कंपनी के नेटवर्क की दिक्कत हो, बैंक खाते से जुड़ी कोई परेशानी हो या फिर किसी ऑनलाइन पार्सल डिलीवरी का स्टेटस जानना हो, लोग तुरंत गूगल पर कस्टमर केयर नंबर तलाशने लगते हैं। लेकिन आपकी यह छोटी सी जल्दबाजी आपको किसी बड़े साइबर फ्रॉड का शिकार बना सकती है और आपका बैंक अकाउंट पलक झपकते ही खाली हो सकता है। इसी गंभीर खतरे को देखते हुए डबवाली की पुलिस अधीक्षक (एसपी) निकिता खट्टर (आईपीएस) ने ऑनलाइन कस्टमर केयर के नाम पर हो रही ठगी को लेकर आमजन के लिए एक विशेष एडवाइजरी जारी की है।
पुलिस अधीक्षक ने इस साइबर ठगी के तरीके का खुलासा करते हुए बताया कि शातिर ठग गूगल जैसे सर्च इंजन पर फर्जी प्लेटफॉर्म और वेबसाइट बनाते हैं। ये जालसाज पैसे खर्च करके अपने इन फर्जी मोबाइल नंबरों को अलग-अलग नामी कंपनियों, बैंकों और हेल्पलाइन के तकनीकी सहायता नंबर के रूप में गूगल सर्च में सबसे ऊपर प्रमोट करवाते हैं। जब कोई आम नागरिक मदद के लिए गूगल पर नंबर सर्च करता है, तो उसे सबसे पहले इन्हीं ठगों के नंबर दिखाई देते हैं। लोग बिना सोचे-समझे इन नंबरों पर कॉल कर देते हैं और यहीं से ठगी का खेल शुरू हो जाता है। ठग खुद को कंपनी का अधिकारी बताकर लोगों को अपनी बातों में उलझा लेते हैं।
बातचीत के दौरान ये साइबर अपराधी तकनीकी सहायता देने के बहाने लोगों से उनका निजी डेटा हासिल कर लेते हैं। कई बार वे फोन पर कोई फर्जी लिंक भेजकर उस पर क्लिक करने को कहते हैं या फिर कोई फर्जी स्क्रीन-शेयरिंग एप्लीकेशन डाउनलोड करवा देते हैं। इसके बाद जैसे ही कॉल कटती है, कुछ ही समय बाद पीड़ित के मोबाइल पर बैंक खाते से पैसे कटने का मैसेज आता है, तब जाकर उसे एहसास होता है कि वह एक बड़े साइबर फ्रॉड का शिकार हो चुका है। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि सतर्कता और सावधानी बरतकर ही इस प्रकार की ठगी से बचा जा सकता है। इसलिए किसी भी अनजान नंबर पर सीधा कॉल करने से बचें और हमेशा संबंधित कंपनी की आधिकारिक और रजिस्टर्ड वेबसाइट से ही संपर्क सूत्र निकालें।
एसपी निकिता खट्टर ने जनता से अपील की है कि अगर किसी भी व्यक्ति के साथ इस तरह की ऑनलाइन धोखाधड़ी हो जाती है, तो घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। समय रहते उठाया गया कदम आपके पैसे वापस दिला सकता है। किसी भी तरह का साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत नेशनल साइबर कंप्लेंट हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। इसके अलावा भारत सरकार के राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर जाकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं। जितनी जल्दी आप शिकायत दर्ज करवाएंगे, पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी ही अधिक होगी। पीड़ित अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में बने साइबर हेल्प डेस्क या साइबर अपराध थाने में जाकर भी अपनी शिकायत दे सकते हैं।
