रानियां सीट पर गोपाल कांडा का बड़ा बयान: बोले- मनोहर लाल की मेहरबानी से इनेलो ने जीती सीट.

हरियाणा की राजनीति में रानियां विधानसभा सीट एक बार फिर से चर्चा में आ गई है। सिरसा के पूर्व विधायक और हलोपा प्रमुख गोपाल कांडा ने रानियां सीट को लेकर बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि यह सीट इनेलो को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर की मेहरबानी से मिली है।
उन्होंने दावा किया कि अगर रानियां में गोबिंद और गोपाल ने साथ न दिया होता तो अभय चौटाला को अपने बेटे की यह सीट नहीं मिलती।
गोपाल कांडा ने सिरसा के प्रसिद्ध तारा बाबा कुटिया में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत की और राजनीतिक समीकरणों को लेकर कई अहम बातें कहीं।
उन्होंने इनेलो और हलोपा के बीच हुए विधानसभा गठबंधन को लेकर अभय चौटाला द्वारा दिए गए एक बयान पर भी पलटवार किया।
गठबंधन पर तंज, NDA के साथ खुद को बताया मजबूत
अभय चौटाला के इस बयान पर कि हलोपा के साथ गठबंधन करना गलती थी, गोपाल कांडा ने तीखा जवाब देते हुए कहा,
"ये तय करना कि गठबंधन करना किसकी गलती थी—अभय चौटाला की या मेरी, यह जनता ही तय करेगी।"
उन्होंने आगे कहा कि उनकी पार्टी हलोपा इस समय NDA गठबंधन में शामिल है और उन्हें उसमें पूरा सम्मान मिल रहा है। उन्होंने कहा कि वे गठबंधन धर्म का पालन करते हुए, जो दिशा-निर्देश मिलते हैं उसी के अनुरूप कार्य कर रहे हैं।
कालांवाली नगरपालिका चुनाव पर टिप्पणी
जब मीडिया ने गोपाल कांडा से कालांवाली नगरपालिका चुनाव में बीजेपी की हार को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने जवाब दिया,
"हमारी वहां कोई ड्यूटी नहीं लगी थी, इसलिए हम उस चुनाव में सक्रिय नहीं थे। बीजेपी ने चेयरमैन की सीट गंवाई, इसका जवाब तो वे ही दे सकते हैं।"
उन्होंने कुछ बीजेपी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि बड़े-बड़े दावे करने वाले नेताओं को भी हार का सामना करना पड़ा। इससे यह साफ है कि जमीन पर काम करने की बजाय दावों की राजनीति काम नहीं आती।
अभय चौटाला पर सीधा निशाना
गोपाल कांडा ने अभय चौटाला के राजनीतिक भविष्य पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि रानियां सीट पर इनेलो की जीत अगर आज चर्चा का विषय है, तो उसमें गोबिंद और गोपाल का योगदान भी कम नहीं है। अगर उन्होंने साथ न दिया होता, तो शायद इनेलो को यह सीट न मिलती।
धार्मिक मंच से सियासी सन्देश
तारा बाबा कुटिया जैसे धार्मिक मंच से गोपाल कांडा ने यह बयान देकर यह संदेश भी दिया कि वह राजनीति और जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखना चाहते हैं। उनके इस बयान से हरियाणा की राजनीति में एक नई बहस जरूर छिड़ सकती है, खासकर इनेलो और हलोपा के पुराने समीकरणों को लेकर।
गोपाल कांडा का यह बयान ना केवल रानियां सीट की राजनीति को गर्म कर रहा है, बल्कि आने वाले चुनावों के मद्देनजर इनेलो और बीजेपी दोनों के लिए एक राजनीतिक संकेत भी है। देखना होगा कि अभय चौटाला या इनेलो इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।