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हरियाणा के गुरुग्राम BPL-EWS फ्लैट योजना रद्द करने पर हाईकोर्ट की बड़ी रोक, 1719 परिवारों को मिली राहत

 
गुरुग्राम में बन रहे ईडब्ल्यूएस और बीपीएल फ्लैट्स की फाइल फोटो, जिस पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने निरस्तीकरण की रोक लगाई है

चंडीगढ़/गुरुग्राम। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने गुरुग्राम में बीपीएल (BPL) और ईडब्ल्यूएस (EWS) श्रेणी के फ्लैटों की योजना को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर सख्त रुख अपनाते हुए रोक लगा दी है। 

जस्टिस सुवीर सहगल और जस्टिस विकास सुरी की खंडपीठ ने 'चंद किशोर बनाम हरियाणा राज्य व अन्य' मामले की 27 मई को हुई सुनवाई में आदेश दिया है कि इन फ्लैटों के आवंटन और कब्जे की स्थिति पर 6 जुलाई 2026 तक यथास्थिति (Status Quo) बनी रहे। हाईकोर्ट के इस आदेश से उन 1719 गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिली है, जो वर्षों से अपने आशियाने के मिलने का इंतजार कर रहे थे।

याचिकाकर्ता चंद किशोर, सुनीता, रेखा और विनोद कुमार सहित अन्य बीपीएल लाभार्थियों ने एस्टेट मैनेजर हाउसिंग बोर्ड हरियाणा (गुरुग्राम) द्वारा 28 जुलाई 2025 को जारी किए गए निरस्तीकरण (Cancellation) पत्र को अदालत में चुनौती दी थी। 

याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि उन्होंने भारी ब्याज दरों पर कर्ज लेकर फ्लैट की राशि जमा की थी। 3 फरवरी 2010 की आवास नीति और 17 मई 2018 के संशोधनों के तहत फ्लैट आवंटित होने के बावजूद हाउसिंग बोर्ड द्वारा उन्हें कब्जा नहीं दिया गया। अदालत में इस कदम को संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 के तहत प्रदत्त मौलिक अधिकारों का सीधा उल्लंघन बताया गया है।

gurugram ews flat scheme 2026

याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में पैरवी कर रहे अधिवक्ता विकास कुमार ने दलील दी कि हाउसिंग बोर्ड का यह निरस्तीकरण पूरी तरह से अवैध और मनमाना है। उन्होंने सरकार पर मुनाफाखोरी के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हाउसिंग बोर्ड इन फ्लैटों को गरीब परिवारों से छीनकर ई-नीलामी (E-Auction) के माध्यम से व्यावसायिक दरों पर 40 से 45 लाख रुपये में गैर-बीपीएल लोगों को बेचना चाहता है। 

योजना का मूल उद्देश्य गरीब परिवारों का कल्याण था, लेकिन निरस्तीकरण के इस फैसले ने लाभार्थियों के साथ विश्वासघात किया है। कोर्ट ने दलीलें सुनने के बाद अगली सुनवाई तक फ्लैटों को किसी अन्य व्यक्ति को हस्तांतरित करने पर पाबंदी लगा दी है।

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गुड़गांव रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन फेडरेशन के संयोजक संदीप फौगाट द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, हरियाणा हाउसिंग बोर्ड ने सितंबर 2018 में गुरुग्राम में बीपीएल-ईडब्ल्यूएस श्रेणी के 1719 फ्लैटों के निर्माण की घोषणा की थी। उस समय प्रति फ्लैट कीमत 5.85 लाख रुपये तय की गई थी। इसके बाद 21 जनवरी 2019 को पंचकूला में ड्रा निकाला गया और सभी सफल 1719 आवंटियों से पहली किस्त के रूप में 58,500 रुपये जमा करवाए गए थे। तब से लेकर आज तक लाभार्थी पजेशन का इंतजार कर रहे हैं।

हरियाणा में ईडब्ल्यूएस/बीपीएल (EWS/BPL) आवास योजना के तहत आवंटन व पात्रता के नियम:

  • हाउसिंग बोर्ड की ईडब्ल्यूएस योजनाओं में आवेदन के लिए लाभार्थी का हरियाणा का स्थायी निवासी होना और परिवार पहचान पत्र (PPP) में आय सत्यापित होना अनिवार्य है।
  • बीपीएल और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के तहत प्रति परिवार (पति, पत्नी और आश्रित बच्चे) राज्य में कहीं भी अपना पक्का मकान नहीं होना चाहिए।
  • योजना में फ्लैटों का आवंटन पूरी पारदर्शी प्रक्रिया के तहत ड्रॉ (लॉटरी सिस्टम) के माध्यम से किया जाता है।
  • सफल आवंटियों को कुल लागत का 10 प्रतिशत हिस्सा अलॉटमेंट लेटर जारी होने के समय और बाकी राशि तय किस्तों में जमा करानी होती है। निर्धारित समय पर कब्जा न मिलने की स्थिति में आवंटी रेरा (RERA) या माननीय न्यायालय की शरण ले सकते हैं।
     
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