हरियाणा के गुरुग्राम में टाटा मोटर्स के वेयरहाउस में कैसे लगी भीषण आग, काबू पाने दमकल की 40 से ज्यादा गाड़ियों के छूटे पसीने
गुरुग्राम: हरियाणा के गुरुग्राम में हीरो होंडा चौक के नजदीक संचालित टाटा मोटर्स के वेयरहाउस में रविवार, 19 अप्रैल 2026 को सुबह लगभग 11 बजे अचानक भीषण आग लग गई। गत्ते के ढेर में शुरू हुई इस आग ने देखते-देखते ग्रीस के डिब्बों और डीजल के भंडार तक पहुंचकर इतना विकराल रूप धारण किया कि दमकल विभाग की 40 से अधिक गाड़ियां घंटों की मशक्कत के बाद भी आग पर काबू नहीं पा सकीं। पूरा वेयरहाउस जलकर खाक हो गया और उसमें रखे सभी स्पेयर पार्ट्स जल गए या बुरी तरह खराब हो गए।
आग की सूचना मिलते ही पहले अग्निशमन विभाग की गाड़ियां पहुंचीं, लेकिन आग काबू में नहीं आई। इसके बाद मारुति, हल्दीराम सहित आसपास की कई कंपनियों को भी सूचना देकर उनकी दमकल गाड़ियां बुलाई गईं। आसपास की कंपनियों ने खुद पानी की बौछार की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। प्रथम दृष्टया शॉर्ट-सर्किट और वेयरहाउस के भीतर ही चल रहे वर्कशॉप में वेल्डिंग कार्य के दौरान निकली चिंगारी — दोनों को आग का संभावित कारण माना जा रहा है।
गत्ते से उठी चिंगारी, डीजल-ग्रीस ने बनाया नरक — कैसे फैली आग?
वेयरहाउस में जहां गत्ते रखे थे, वहीं से आग की शुरुआत हुई। गत्ता अत्यधिक ज्वलनशील होता है, इसलिए आग बिजली की रफ्तार से फैल गई। वेयरहाउस में टाटा मोटर्स के साथ-साथ हुंडई और आयशर सहित कई कंपनियों के स्पेयर पार्ट्स और ग्रीस का बड़ा स्टाक रखा था, साथ ही डीजल का भी भंडार था। जैसे ही आग गत्ते से ग्रीस के डिब्बों तक और फिर डीजल के भंडार तक पहुंची, आग ने ऐसा भीषण रूप धारण किया कि घंटों बाद भी उस पर नियंत्रण नहीं हो सका।

दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के जेई मुकेश भ्याना सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे और उन्होंने सबसे पहले एहतियात के तौर पर वेयरहाउस की बिजली कटवाई। उन्होंने कहा कि ग्रीस और डीजल के भंडार में आग लगने से ही आग ने यह विकराल रूप लिया। वेयरहाउस में कई गेट होने की वजह से भीतर मौजूद तीनों कर्मचारी आसानी से बाहर निकल गए और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
बहरामपुर रोड पर बाढ़, एक्सप्रेसवे पर 3 किमी जाम — आम जनता परेशान
आग बुझाने के लिए इतने टैंकर पानी का इस्तेमाल हुआ कि बहरामपुर रोड पर बाढ़ जैसे हालात बन गए — सड़क पर एक से डेढ़ फुट तक पानी जमा हो गया। दमकल गाड़ियां जल्दी से पहुंच सकें, इसके लिए पुलिस ने चौक के नजदीक नाकेबंदी कर दी, जिसका सीधा असर दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर पड़ा और वहां दो से तीन किलोमीटर तक वाहन रेंगते रहे।
यह घटना बताती है कि औद्योगिक वेयरहाउस में ज्वलनशील सामग्री — ग्रीस, डीजल और गत्ते का एक साथ भंडारण कितना खतरनाक हो सकता है। आग के कारणों — चाहे शॉर्ट-सर्किट हो या वेल्डिंग की चिंगारी — की पुष्टि के लिए अग्निशमन विभाग ने जांच शुरू कर दी है।
