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हरियाणा में 29 मई से अमृत फार्मेसी योजना शुरू, सभी जिलों में बहुत सस्ते में मिलेगी महंगी दवा

 
हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में अमृत फार्मेसी योजना का शुभारंभ करते मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

हरियाणा में गंभीर बीमारियों का इलाज करवा रहे लाखों मरीजों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर है। प्रदेश की नायब सिंह सैनी सरकार आगामी 29 मई से राज्य के सभी 23 जिलों में “अमृत फार्मेसी” योजना की शुरुआत करने जा रही है। खुद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जिला सिविल अस्पताल से इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्घाटन करेंगे। इस पहल के बाद अब कैंसर, दिल की बीमारी, किडनी और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को महंगी दवाओं पर अपनी गाढ़ी कमाई पानी की तरह नहीं बहानी पड़ेगी।

स्वास्थ्य विभाग ने इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए जिला स्तर पर अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। ये अमृत फार्मेसी केंद्र प्रदेश के सभी जिला सरकारी अस्पतालों के परिसर में ही खोले जा रहे हैं, ताकि अस्पताल आने वाले मरीजों को दवा लेने के लिए बाहर न भटकना पड़े। इन केंद्रों पर मरीजों को बाजार के प्राइवेट मेडिकल स्टोरों के मुकाबले बेहद कम दामों पर ब्रांडेड जेनेरिक दवाएं और सर्जरी से जुड़े जरूरी चिकित्सा उपकरण आसानी से मिल सकेंगे।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस योजना की रूपरेखा साल 2026-27 के बजट में ही साफ कर दी थी और अब इसे धरातल पर उतारा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि विशेष रूप से कैंसर और दिल की बीमारियों की दवाओं के रेट बाजार में बहुत ज्यादा हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों का बजट पूरी तरह बिगड़ जाता है। अमृत फार्मेसी पर इन लाइफ सेविंग दवाओं की कीमतों में भारी कटौती देखने को मिलेगी, जिससे सीधे तौर पर मरीज की जेब का बोझ आधा हो जाएगा।

यह पूरी योजना केंद्र सरकार की “अफोर्डेबल मेडिसंस एंड रिलाएबल इंप्लांटस फार टीटमेंट (अमृत)” पहल का हिस्सा है। इससे पहले हरियाणा के कुछ गिने-चुने बड़े चिकित्सा संस्थानों जैसे रोहतक पीजीआईएमएस, करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज, नूंह के एसएचकेएम मेडिकल कॉलेज और गुरुग्राम में ही यह सुविधा मिल पा रही थी। लेकिन अब सरकार इसके दायरे को बढ़ाते हुए इसे हर जिले के आम नागरिक तक पहुंचा रही है ताकि किसी भी गरीब को पैसे के अभाव में इलाज से वंचित न रहना पड़े।

सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल मरीजों को आर्थिक मदद मिलेगी, बल्कि सरकारी अस्पतालों के प्रति आम जनता का भरोसा भी और ज्यादा मजबूत होगा। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के सिविल सर्जनों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे अपने-अपने अस्पतालों में अमृत फार्मेसी के लिए जगह, बिजली-पानी और जरूरी स्टाफ का इंतजाम समय रहते दुरुस्त कर लें, ताकि 29 मई को उद्घाटन के तुरंत बाद आम लोगों को दवाइयां मिलना शुरू हो सकें।
 

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