हरियाणा BJP ने बुलाई विधायक दल की अहम बैठक: CM सैनी लेंगे 9 महीनों का फीडबैक.

हरियाणा की राजनीति में एक बार फिर सरगर्मी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नायब सैनी की सरकार को सत्ता में आए 9 महीने पूरे हो चुके हैं। इस मौके पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 30 जुलाई मंगलवार को चंडीगढ़ में विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है।
इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री नायब सैनी स्वयं करेंगे और इसमें प्रदेश के सभी भाजपा विधायक, वरिष्ठ संगठन पदाधिकारी व रणनीतिक सलाहकार शामिल होंगे।
9 महीनों की परफॉर्मेंस का लेखा-जोखा
इस बैठक का प्रमुख उद्देश्य सरकार के 9 महीने के कार्यकाल की समीक्षा करना है। मुख्यमंत्री सैनी विधायकों से उनके क्षेत्रों में योजनाओं के क्रियान्वयन, जनता की प्रतिक्रिया, और योजनाओं के असर के बारे में फीडबैक लेंगे।
जिन योजनाओं का जमीनी असर दिख रहा है, उन्हें चुनावी हथियार के रूप में प्रयोग किया जाएगा। वहीं, जिन योजनाओं या वादों पर असंतोष है, उनके समाधान पर भी मंथन होगा।
चुनावी वादों की प्रगति और जनहित योजनाओं की समीक्षा
बैठक में 2024 के विधानसभा चुनावों को लेकर पार्टी के पुराने वादों की प्रगति पर विशेष चर्चा की जाएगी। किसान हितैषी योजनाएं, युवाओं को रोजगार, महिला सुरक्षा और ग्रामीण-शहरी विकास से जुड़े वादों पर सरकार ने क्या-क्या कदम उठाए हैं, यह प्रस्तुत किया जाएगा।
पार्टी चाहती है कि जनता को यह स्पष्ट संदेश जाए कि भाजपा ने अपने वादों को निभाने का प्रयास किया है।
संगठनात्मक मजबूती और बूथ स्तर की तैयारी
सरकार की उपलब्धियों के साथ-साथ संगठन की स्थिति भी इस बैठक का अहम हिस्सा होगी। भाजपा इस समय बूथ स्तर तक अपनी पहुंच को और मजबूत करना चाहती है। विधायक दल से संगठन को और अधिक सक्रिय करने, कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बढ़ाने और लोकल मुद्दों पर फोकस करने की अपील की जाएगी।
मुख्यमंत्री विधायकों को निर्देश दे सकते हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क बढ़ाएं और नियमित रूप से जनता के बीच जाकर संवाद करें।
विपक्ष के आरोपों का जवाब और मीडिया प्रबंधन
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने बीते कुछ महीनों में बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं और महंगाई जैसे मुद्दों पर सैनी सरकार को घेरा है। भाजपा की यह बैठक इन आरोपों का रणनीतिक जवाब तैयार करने के लिए भी अहम मानी जा रही है।
साथ ही मीडिया के जरिए सरकार की सकारात्मक छवि प्रस्तुत करने और विपक्ष के दुष्प्रचार का मुकाबला करने की योजना पर भी मंथन होगा।
जातीय समीकरण और भावनात्मक जुड़ाव
हरियाणा की राजनीति में जातीय समीकरणों का विशेष महत्व है। मुख्यमंत्री नायब सैनी स्वयं ओबीसी वर्ग से आते हैं। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि उनकी ओबीसी नेता की छवि को और मजबूत किया जाए।
वहीं जाट वोट बैंक को भी साधने के लिए अलग रणनीति बनाई जा सकती है, जिससे सभी प्रमुख वर्गों को भाजपा से जोड़कर एक व्यापक जनाधार तैयार किया जा सके।
BJP की यह विधायक दल की बैठक केवल परंपरागत समीक्षा न होकर एक व्यापक चुनावी रणनीति का ब्लूप्रिंट तैयार करने वाली बैठक मानी जा रही है। मुख्यमंत्री नायब सैनी की अगुआई में यह तय किया जाएगा कि पार्टी आगामी चुनावों में किन मुद्दों के साथ, किन चेहरे और किस दृष्टिकोण से जनता के बीच जाएगी।