हरियाणा: BPL परिवारों को अब तेल की जगह मिलेगें 250 रुपये, 39.89 लाख परिवारों को फायदा
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने बीपीएल परिवारों को राशन डिपो से दो लीटर सरसों तेल देने की व्यवस्था को अगस्त 2026 से बदल दिया है। अब इन परिवारों को तेल की जगह 250 रुपये सीधे बैंक खातों में भेजे जाएंगे। इस फैसले से प्रदेश के करीब 39.89 लाख बीपीएल परिवार प्रभावित होंगे। हालांकि अभी तक खातों में राशि नहीं आई है, 15 अगस्त के बाद भुगतान शुरू होने की संभावना है।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के मुताबिक, इस बदलाव की वजह हैफेड (हरियाणा राज्य सहकारी आपूर्ति एवं विपणन संघ) के पास सरसों की सीमित उपलब्धता है। तेल की नियमित आपूर्ति बनाए रखने में आ रही दिक्कतों को देखते हुए सरकार ने फिलहाल नकद भुगतान का विकल्प चुना है। सरकार आगे चलकर इस राशि को 250 से बढ़ाकर 300 रुपये करने पर भी विचार कर सकती है।
बाजार भाव 280 से 400 रुपये, लाभार्थियों को 100 रुपये में मिलता था तेल
नई व्यवस्था लागू होने से पहले बीपीएल परिवारों को राशन डिपो के जरिए दो लीटर कच्ची घानी सरसों तेल सिर्फ 100 रुपये में मिलता था। बाजार में इसी तरह के सरसों तेल की कीमत करीब 280 से 400 रुपये प्रति दो लीटर तक है। यानी सरकार हर बीपीएल परिवार को करीब 180 से 300 रुपये महीने की सब्सिडी दे रही थी।
2018 से 2026 तक तेल-नकद का उतार-चढ़ाव
हरियाणा में बीपीएल परिवारों के लिए सरसों तेल योजना पिछले आठ सालों में कई बार बदली है। साल 2018 में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने डिपो से एक लीटर तेल देने की शुरुआत की थी। बाद में इसकी मात्रा बढ़ाकर दो लीटर कर दी गई। साल 2021 में तेल की आपूर्ति प्रभावित होने पर सरकार ने दो लीटर तेल के बदले 250 रुपये बैंक खाते में भेजने की व्यवस्था शुरू की थी। उस समय करीब 11.41 लाख परिवारों को यह लाभ मिला था। साल 2022 में दोबारा डिपो से तेल वितरण शुरू कर दिया गया। साल 2023 में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने इस राशि को बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया था। अब अगस्त 2026 से एक बार फिर 250 रुपये नकद भुगतान की व्यवस्था लागू की जा रही है।
डिपो में 20 लाख लीटर तेल बचा, संचालकों के सामने स्टॉक निपटाने की चुनौती
नई व्यवस्था शुरू होने के बावजूद राज्य के राशन डिपो पर पुराना तेल स्टॉक बचा हुआ है। प्रदेश के 7,411 राशन डिपुओं पर करीब 20 लाख लीटर तेल मौजूद है। कुछ जिलों में जुलाई का तेल भी लाभार्थियों को नहीं मिल पाया है। डिपो संचालकों को अब उपलब्ध पुराने स्टॉक को लाभार्थियों के बीच वितरित करने का अवसर दिया गया है।
ऑल राशन डिपो होल्डर वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा के मीडिया प्रभारी गुरतेज सिंह सोढ़ी के मुताबिक, पिछली बार नकद भुगतान शुरू होने पर डिपो में तेल का स्टॉक करीब आठ महीने तक पड़ा रहा था। बाद में अतिरिक्त कमीशन देकर इसे निपटाया गया था। इस बार भी डिपो संचालकों के सामने पुराने स्टॉक को समय पर वितरित करने की चुनौती होगी।
एक राशन कार्ड पर कितने लोगों को मिलता है राशन?
हरियाणा में अंत्योदय और बीपीएल श्रेणी के करीब 40 लाख परिवार हैं, जिनमें 1.57 करोड़ लाभार्थी हर महीने राशन लेते हैं। इनमें 2.86 लाख अंत्योदय परिवार और 37.14 लाख बीपीएल परिवार शामिल हैं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (NFSA) के तहत अंत्योदय परिवारों को 35 किलो गेहूं मुफ्त मिलता है, जबकि बीपीएल लाभार्थियों को प्रति सदस्य 5 किलो गेहूं मुफ्त मिलता है। इसके अलावा पीडीएस के जरिए 13.50 रुपये किलो चीनी भी दी जाती है।
राज्य भर में 4,000 नए राशन डिपो खोलने की तैयारी
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री राजेश नागर ने अधिकारियों को पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) के तहत 4,000 नए राशन डिपो खोलने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। यह कदम मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बजट एलान के अनुरूप है। नागर ने यह भी निर्देश दिया कि जिन डिपो के लाइसेंस निलंबित या रद्द किए गए हैं, उनकी जानकारी आम जनता तक पहुंचाई जाए ताकि लाभार्थियों को किसी तरह की असुविधा न हो। साथ ही डिपो संचालकों को मिलने वाली मार्जिन मनी हर महीने की 10 तारीख तक उनके खातों में भेजी जाए। विभाग ने डिपो स्टॉक की निगरानी के लिए मुख्यालय स्तर पर एक विशेष टीम बनाने और हर महीने चार से पांच बार रैंडम निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए हैं।
तेल की जगह पैसा, लाभार्थियों को कितना फायदा?
पुरानी व्यवस्था में लाभार्थियों को दो लीटर तेल के लिए सिर्फ 100 रुपये देने पड़ते थे। नई व्यवस्था में उन्हें 250 रुपये नकद मिलेंगे। यानी उन्हें 100 रुपये की बचत तो नहीं होगी, लेकिन उनके पास 250 रुपये नकद होंगे जिनसे वे बाजार से तेल खरीद सकते हैं या किसी और जरूरत में इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि बाजार में दो लीटर तेल की कीमत 280 से 400 रुपये है, ऐसे में 250 रुपये में पूरा तेल नहीं आ पाता और लाभार्थियों को अतिरिक्त पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं।
कैसे चेक करें खाते में पैसा आया या नहीं?
लाभार्थी 'मेरा राशन' ऐप के जरिए या फूड, सिविल सप्लाईज एंड कंज्यूमर अफेयर्स विभाग की आधिकारिक वेबसाइट haryanafood.gov.in पर जाकर अपने खाते में आई राशि की जानकारी देख सकते हैं। इसके लिए राशन कार्ड नंबर या आधार नंबर की जरूरत होती है।

