हरियाणा कैबिनेट के फैसले से कर्मचारियों की हुई मौज तो इन लोगों को बड़ा झटका, मीटिंग में 18 एजेंडों पर लगी मुहर
चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कैबिनेट की अहम बैठक के बाद राज्य के सरकारी कर्मचारियों, स्कूली बच्चों और घर खरीदारों के लिए कई बड़े बदलावों का ऐलान किया है। हरियाणा कैबिनेट के फैसले के तहत अब सरकारी कर्मचारियों को हाउसिंग या अन्य एडवांस लोन के लिए बैंकों की लंबी कागजी कार्रवाई और घंटों लाइन में लगने से निजात मिल गई है। एक जून से राज्य सरकार सीधे अपने खजाने से कर्मचारियों को लोन देगी। साल 2016 से यह जिम्मेदारी पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के पास थी, जिसे अब पुरानी व्यवस्था के तहत सरकार ने वापस अपने हाथ में ले लिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि 31 मई तक जो लोन बैंक से मंजूर हो चुके हैं, उनकी प्रक्रिया पहले की तरह ही चलती रहेगी, जबकि नए आवेदन सीधे सरकार के पास आएंगे।
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP की अध्यक्षता में मंत्रिमण्डल की बैठक आयोजित हुई। लगभग 6 घण्टे चली बैठक में कुल 31 एजेंडे रखे गए जिनमें से 18 एजेंडों को मंजूरी प्रदान की गई।
— DPR Haryana (@DiprHaryana) March 24, 2026
हरियाणा मंत्रिमंडल के महत्वपूर्ण फैसले:-
* कानूनी अस्पष्टता दूर करने के लिए पंजाब न्यायालय अधिनियम, 1918… pic.twitter.com/zAImVr1ZTz
शिक्षा नीति में बड़ा बदलाव, पहली कक्षा में दाखिले के लिए 6 साल उम्र अनिवार्य
बच्चों की शिक्षा को लेकर भी सरकार ने सख्त और स्पष्ट कदम उठाया है। केंद्र की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुसार हरियाणा स्कूल शिक्षा नियम-2003 में संशोधन को कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दे दी है। अब प्रदेश के किसी भी सरकारी या निजी स्कूल में पहली कक्षा में दाखिले के लिए बच्चे की उम्र कम से कम 6 साल होनी अनिवार्य है। इससे पहले कम उम्र में बच्चों के दाखिले को लेकर अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन के बीच लगातार असमंजस की स्थिति बनी रहती थी, जो अब नए नियमों के लागू होने से पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। प्रदेश के शैक्षणिक ढांचे में एकरूपता लाने के लिए इसे एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

गुरुग्राम और फरीदाबाद में आशियाना बनाना हुआ महंगा, नई दरें लागू
दिल्ली-एनसीआर में अपना घर खरीदने का सपना देख रहे लोगों को सरकार के नए फैसले से तगड़ा झटका लगा है। निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों का हवाला देते हुए किफायती हाउसिंग पॉलिसी-2013 में बदलाव किया गया है, जिसके बाद फ्लैट्स की दरों में औसतन 12 फीसदी का इजाफा हो गया है। सबसे ज्यादा मार साइबर सिटी गुरुग्राम के घर खरीदारों पर पड़ी है। यहां प्रति वर्ग फीट की दर में सीधे 575 रुपये बढ गई है, जिससे नई दर 5,575 रुपये प्रति वर्ग फीट पहुंच गई है। वहीं, फरीदाबाद और अब 'बी' श्रेणी में शामिल किए गए सोहना में यह दर 5,450 रुपये प्रति वर्ग फीट तय कर दी गई है।
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ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और उद्योगों को भूमि इस्तेमाल में बड़ी राहत
ग्रामीण क्षेत्र में पानी की आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने और राजस्व बढ़ाने के लिए सरकार ने सामुदायिक भागीदारी मॉडल के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) पर भरोसा जताया है। अब गांवों में पेयजल आपूर्ति के बिलों की वसूली का जिम्मा इन महिलाओं को सौंपा जाएगा। इस पहल से जहां बिलों की वसूली तेज होगी, वहीं कुल जमा राशि का 10 फीसदी हिस्सा इन समूहों को प्रोत्साहन के रूप में दिया जाएगा, जिससे ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 'मिक्स लैंड यूज' पॉलिसी में भी बड़ी ढील दी गई है। उद्योग अब अपनी आवश्यकता के अनुसार 70:30 के अनुपात और न्यूनतम क्षेत्र के मानकों को पूरा करते हुए अपनी जमीन का इस्तेमाल आवासीय या कमर्शियल गतिविधियों के लिए कर सकेंगे।
