हरियाणा में 15 से ज्यादा गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए सरकार दे रही पैसे, 15 दिन में खाते में आएगी राशि, ऐसे उठाएं लाभ
चंडीगढ़। हरियाणा में अब आर्थिक तंगी के कारण किसी भी गरीब या जरूरतमंद का इलाज नहीं रुकेगा। राज्य सरकार 'मुख्यमंत्री राहत कोष' (CM Relief Fund) के तहत गंभीर और दुर्लभ बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को संजीवनी दे रही है। इस योजना के माध्यम से कैंसर, हृदय रोग और किडनी जैसी 15 से अधिक बीमारियों के इलाज के लिए सरकार द्वारा अधिकतम एक लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन गरीब परिवारों को संकट के समय आर्थिक सहारा देना है, जिनके लिए प्राइवेट या बड़े अस्पतालों में महंगा इलाज करवाना संभव नहीं है। खास बात यह है कि आवेदन करने के महज 15 दिन के भीतर पूरी प्रक्रिया पूरी कर ली जाती है और पैसा सीधे अस्पताल या लाभार्थी के खाते में पहुंच जाता है।
किसे मिलेगा इस योजना का लाभ? (पात्रता)
इस योजना का लाभ उठाने के लिए सबसे अहम शर्त यह है कि आवेदक 'आयुष्मान भारत योजना' या 'चिरायु कार्ड' का लाभार्थी नहीं होना चाहिए। यदि किसी मरीज का आयुष्मान कार्ड बना हुआ है, लेकिन उसे कोई ऐसी गंभीर बीमारी है जो आयुष्मान योजना के पैकेज में कवर नहीं होती है, तो वह भी मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद के लिए आवेदन कर सकता है।
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इन गंभीर और दुर्लभ बीमारियों के लिए मिलती है सहायता
सरकार ने उन सभी बीमारियों को इस योजना में शामिल किया है, जिनका खर्च उठाना आम आदमी के बस की बात नहीं है।
| बीमारियों की श्रेणी | शामिल बीमारियों के नाम |
| सामान्य गंभीर बीमारियां | कैंसर, हृदय रोग (Heart Disease), किडनी रोग। |
| दुर्लभ और आनुवंशिक रोग | टाइरोसिनेमिया टाइप-1, ओस्टियोजेनेसिस इमपरफेक्टा, सिस्टिक फाइब्रोसिस, गौचर रोग। |
| सिंड्रोम और विकार | टर्नर सिंड्रोम, नूनन सिंड्रोम, हर्लर सिंड्रोम, हंटर सिंड्रोम, विकास हार्मोन की कमी। |
| मांसपेशियों व तंत्रिका संबंधी रोग | ड्यूचेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी, न्यूरोनल सेरॉइड लिपोफ्यूसिनोसिस। |
| अन्य चयापचय और गंभीर रोग | पोरफाइरिया, माइटोकॉन्ड्रियल चयापचय रोग, पॉम्पे रोग, फैब्री रोग, यूरिया चक्र विकार। |
घर बैठे कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन
योजना का लाभ लेने के लिए मरीजों या उनके तीमारदारों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की कोई जरूरत नहीं है। सरकार ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और ऑनलाइन कर दिया है।
- पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले आवेदक को हरियाणा सरकार के 'सरल पोर्टल' (Saral Haryana) पर लॉगिन करना होगा।
- दस्तावेज: आवेदन के लिए 'परिवार पहचान पत्र' (PPP) का होना अनिवार्य है। इसके साथ ही अस्पताल के अनुमानित खर्च का बिल, ओपीडी (OPD) की पर्ची और बीमारी से जुड़े अन्य मेडिकल टेस्ट की रिपोर्ट अपलोड करनी होगी।
- कमेटी करती है जांच: ऑनलाइन आवेदन सबमिट होने के बाद जिला स्तरीय समिति इसकी जांच करती है। इस समिति में संबंधित क्षेत्र के सांसद, विधायक, उपायुक्त (DC) और जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) शामिल होते हैं।
- 15 दिन में पैसा: दस्तावेजों के सत्यापन के बाद, अधिकतम 15 दिनों के भीतर स्वीकृत राशि डिजिटल माध्यम से सीधे अस्पताल के बैंक खाते में या फिर लाभार्थी के खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।
इस योजना के माध्यम से हरियाणा सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रदेश का कोई भी नागरिक धन के अभाव में इलाज से वंचित न रहे।
