Haryana Horticulture Yojana 2026 | बागवानी अपनाएं किसान भाई, सरकार देगी 1 करोड़ तक अनुदान (05 April 2026)
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सिरसा, 05 अप्रैल 2026: Haryana Horticulture Yojana 2026 हरियाणा सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा दे रही है। उद्यान विभाग हरियाणा द्वारा किसानों को नर्सरी, टिश्यू कल्चर यूनिट, बीज उत्पादन और बागवानी प्रबंधन से जुड़े कार्यों पर भारी अनुदान (सब्सिडी) दिया जा रहा है। इस योजना के तहत किसान आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी आमदनी में बड़ा इजाफा कर सकते हैं।
बागवानी अपनाने पर मिलेगा भारी अनुदान Haryana Horticulture Yojana 2026
सरकार द्वारा चलाई जा रही इस योजना में किसानों को विभिन्न स्तर पर आर्थिक सहायता दी जा रही है। योजना के तहत लघु नर्सरी (0.4 से 1 हेक्टेयर) स्थापित करने पर प्रति हेक्टेयर 20 लाख रुपये की लागत पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। इसके तहत किसानों को प्रति इकाई 10 लाख रुपये तक की सहायता मिलेगी, साथ ही प्रतिवर्ष 50,000 गुणवत्ता वाले पौधों के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
लघु नर्सरी (Small Nursery)
क्षेत्र: 0.4 से 1 हेक्टेयर
लागत: 20 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर
अनुदान: 50% (अधिकतम 10 लाख रुपये)
उत्पादन लक्ष्य: 50,000 पौधे प्रति वर्ष
यह योजना छोटे किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो सकती है।
दीर्घ नर्सरी (Large Nursery) इसी प्रकार, 1 से 2 हेक्टेयर क्षेत्र में दीर्घ नर्सरी स्थापित करने पर 30 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर लागत के साथ 40 प्रतिशत अनुदान मिलेगा, जिसमें अधिकतम 24 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी। वर्तमान नर्सरी को उन्नत बनाने के लिए भी विभाग 50 प्रतिशत अनुदान (अधिकतम 2 लाख रुपये) प्रदान कर रहा है।
क्षेत्र: 1 से 2 हेक्टेयर
लागत: 30 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर
अनुदान: 40%
अधिकतम सहायता: 24 लाख रुपये
इससे बड़े स्तर पर पौध उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
पुरानी नर्सरी को अपग्रेड करने पर भी सब्सिडी
जो किसान पहले से नर्सरी चला रहे हैं, उन्हें भी सरकार प्रोत्साहित कर रही है।
अनुदान: 50%
अधिकतम सहायता: 2 लाख रुपये👉 इससे किसान अपनी नर्सरी को आधुनिक बना सकते हैं।
Haryana Horticulture Yojana 2026 टिश्यू कल्चर यूनिट पर करोड़ों की सहायता
नई टिश्यू कल्चर इकाई लगाने वाले किसानों को बड़ी सहायता दी जा रही है: नई टिश्यू कल्चर इकाई स्थापित करने पर 250 लाख रुपये की लागत पर 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा, जिसमें अधिकतम 100 लाख रुपये तक की सहायता संभव है। इसके लिए प्रति वर्ष न्यूनतम 10 लाख पौधों के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। उच्च गुणवत्ता वाले बीज उत्पादन, हैंडलिंग, प्रोसेसिंग और पैकिंग के लिए 300 लाख रुपये की लागत पर 35 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा, जिसमें अधिकतम 150 लाख रुपये तक की सहायता शामिल है।
लागत: 250 लाख रुपये
अनुदान: 40%
अधिकतम सहायता: 100 लाख रुपये
लक्ष्य: प्रति वर्ष 10 लाख पौधों का उत्पादन
बीज उत्पादन पर भी बड़ा लाभ
उच्च गुणवत्ता वाले बीज उत्पादन के लिए भी सरकार सहायता दे रही है:
लागत: 300 लाख रुपये
अनुदान: 35%
अधिकतम सहायता: 150 लाख रुपये
इसमें हैंडलिंग, प्रोसेसिंग और पैकिंग भी शामिल है।
सब्जी और मसाला बीज उत्पादन पर सहायता
तकनीक: ओपन पॉलिनेटेड
क्षेत्र: 1–2 हेक्टेयर
अनुदान: 50%
सहायता: ₹7000 प्रति एकड़ (अधिकतम 5 एकड़)
हाईटेक नर्सरी के लिए विशेष योजना ओपन पॉलिनेटेड तकनीक के तहत 1 से 2 हेक्टेयर में सब्जी/मसाला बीज उत्पादन करने वाले किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान के साथ 7,000 रुपये प्रति एकड़ (अधिकतम 5 एकड़ तक) सहायता प्रदान की जाएगी। वहीं उच्च तकनीक लघु नर्सरी के लिए 1,200 रुपये प्रति वर्ग मीटर की लागत पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा, जिसमें अधिकतम सीमा 60 लाख रुपये प्रति इकाई निर्धारित की गई है।
लागत: ₹1200 प्रति वर्ग मीटर
अनुदान: 50%
अधिकतम सहायता: ₹60 लाख प्रति यूनिट
यह योजना आधुनिक खेती को बढ़ावा देगी।
क्या बोले अधिकारी?
जिला उद्यान अधिकारी दीन मोहम्मद ने बताया कि सरकार किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़ाकर बागवानी और आधुनिक कृषि तकनीकों की ओर प्रेरित कर रही है। इससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि प्रदेश में उच्च गुणवत्ता वाले पौधों और बीजों का उत्पादन भी बढ़ेगा। उन्होंने किसानों से अपील की गई है कि वे इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपनी आर्थिक स्थिति औऱ मजबूत करें। जिला उद्यान अधिकारी दीन मोहम्मद ने बताया कि सरकार किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़ाकर आधुनिक बागवानी की ओर प्रेरित कर रही है।
इससे:
किसानों की आय बढ़ेगी 📈
उच्च गुणवत्ता वाले पौधे और बीज तैयार होंगे 🌱
किसानों के लिए जरूरी सलाह
योजना का लाभ लेने के लिए जल्द आवेदन करें
सही जानकारी के लिए विभाग से संपर्क करें
आधुनिक तकनीकों को अपनाएं
हरियाणा सरकार की यह बागवानी योजना किसानों के लिए एक सुनहरा अवसर है। अगर किसान इस योजना का लाभ उठाते हैं, तो वे कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं और अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत बना सकते हैं। horticulture, subsidy, kisan yojana
