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हरियाणा में अब लगेगें स्मार्ट मीटर, सरकारी दफ्तरों से होगी शुरुआत

 
चंडीगढ़ के हरियाणा निवास में बिजली निगमों की समीक्षा बैठक करते केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल और हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज

चंडीगढ़। हरियाणा में बिजली वितरण और आपूर्ति व्यवस्था को आधुनिक बनाने तथा लाइन लॉस को शून्य करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने बड़े बदलावों की रूपरेखा तैयार की है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल और हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज की अध्यक्षता में चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने, निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। बिजली निगमों को तकनीकी और वाणिज्यिक हानियों को कम करते हुए नई तकनीकों को तेजी से अपनाने का लक्ष्य दिया गया है।

उपभोक्ताओं की सुविधा और राजस्व वृद्धि के लिए पूरे प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली लागू की जाएगी। प्रारंभिक चरण में यह व्यवस्था सभी सरकारी कार्यालयों, सरकारी भवनों और सरकारी कर्मचारियों के घरों पर लागू होगी। इसके पश्चात 10 किलोवाट से अधिक लोड वाले उपभोक्ताओं तथा अन्य श्रेणियों को इस प्रणाली से जोड़ा जाएगा। ऊर्जा विभाग द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में सभी नए बिजली कनेक्शन केवल स्मार्ट मीटर के साथ ही जारी किए जाएंगे। ये आधुनिक मीटर सौर ऊर्जा प्रणालियों के साथ सीधे एकीकृत होने में पूरी तरह सक्षम हैं।

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वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2013-14 में हरियाणा के बिजली निगमों का कुल लाइन लॉस लगभग 34 प्रतिशत था, जिसमें अब उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। बिलिंग और वास्तविक आपूर्ति के बीच के अंतर को न्यूनतम करने के निर्देश दिए गए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में हरियाणा के पास 16,552 मेगावाट से अधिक अनुबंधित बिजली क्षमता उपलब्ध है, जिसमें तापीय व गैस आधारित 9,929.92 मेगावाट और नवीकरणीय स्रोतों से 6,622.58 मेगावाट शामिल है। चालू वर्ष में राज्य की अधिकतम मांग 16,454 मेगावाट रहने का अनुमान है, जबकि वर्ष 2029-30 तक यह मांग 19,481 मेगावाट तक पहुंच सकती है। इस भविष्य की मांग को पूरा करने के लिए दीर्घकालिक योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

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ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की स्थिति में सुधार के लिए संचालित ‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ योजना के तहत अब प्रदेश के 6,117 गांवों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है। साथ ही, गुरुग्राम और फरीदाबाद में आरडीएसएस (RDSS) के तहत चल रहे बुनियादी ढांचे के लंबित कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश जारी किए गए हैं। नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 'प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' की भी समीक्षा की गई। राज्य में इस वर्ष 2.20 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित करने का लक्ष्य है, जिनमें से 86 हजार सिस्टम लगाए जा चुके हैं। इस योजना में छोटे और मध्यम वर्गीय उपभोक्ताओं को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।

'प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के तहत रूफटॉप सोलर पैनल लगवाने की प्रक्रिया:

  1. आधिकारिक वेबसाइट (pmsuryaghar.gov.in) पर जाकर अपना राज्य और बिजली वितरण कंपनी (Discom) का चयन करें।
  2. बिजली उपभोक्ता नंबर (Consumer Number), मोबाइल नंबर और ईमेल दर्ज कर अपना पंजीकरण पूरा करें।
  3. पोर्टल पर लॉग-इन कर 'अप्लाई फॉर रूफटॉप सोलर' विकल्प चुनें और फॉर्म में मांगी गई आवश्यक जानकारी भरें।
  4. डिस्कॉम से तकनीकी मंजूरी (Feasibility Approval) प्राप्त होने के बाद किसी भी पंजीकृत वेंडर से सोलर प्लांट स्थापित करवाएं।
  5. प्लांट लगने के बाद पोर्टल पर नेट मीटरिंग के लिए आवेदन करें और प्रमाण पत्र जनरेट होने के बाद अपने बैंक खाते की जानकारी देकर सब्सिडी प्राप्त करें।
     
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