हरियाणा में RTI अपीलों पर अब नहीं चलेगी देरी! सरकार ने अधिकारियों को दिए समय पर फैसला करने के निर्देश
चंडीगढ़। सूचना का अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगने वाले लोगों के लिए हरियाणा सरकार ने अहम निर्देश जारी किए हैं। अब आरटीआई से जुड़ी प्रथम अपीलों को तय समय-सीमा में निपटाना होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अधिकारी अपीलों को लंबित रखने के बजाय निर्धारित अवधि में उन पर फैसला लें और आदेश जारी करते समय हर बिंदु पर उचित कारण भी बताएं।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से जारी पत्र में सभी विभागों के प्रथम अपीलीय प्राधिकारियों को इन निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया है। सरकार का उद्देश्य है कि सूचना मांगने वाले लोगों को समय पर जवाब मिले और उन्हें अपनी बात रखने के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
RTI की प्रथम अपील के लिए तय समय-सीमा का करना होगा पालन
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 19(6) के तहत प्रथम अपीलों का निपटारा निर्धारित समय में करना अनिवार्य है। इसके तहत सामान्य परिस्थितियों में अपील मिलने के 30 दिनों के भीतर फैसला करना होता है। विशेष कारण होने पर अधिकतम 45 दिन का समय लिया जा सकता है, लेकिन इसकी वजह लिखित रूप में दर्ज करनी होगी।
इसके साथ ही प्रथम अपीलीय अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे अपील पर आदेश जारी करते समय आवेदक की ओर से उठाए गए सभी प्रमुख सवालों और आपत्तियों पर विचार करें। आदेश में स्पष्ट और तर्कसंगत कारण दर्ज होने चाहिए, ताकि आवेदक को यह समझ आ सके कि उसकी अपील पर क्या निर्णय लिया गया है और उसके पीछे क्या वजह रही।
सूचना उपलब्ध कराने में भी नहीं होनी चाहिए बेवजह देरी
सरकार ने राज्य जन सूचना अधिकारियों (SPIO) को भी निर्देश दिए हैं कि यदि मांगी गई जानकारी आरटीआई कानून के तहत दी जा सकती है तो उसे उपलब्ध कराने में अनावश्यक देरी न की जाए।
यानी सूचना देने से लेकर पहली अपील पर फैसला करने तक पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार होनी चाहिए। अधिकारियों को यह ध्यान रखना होगा कि आवेदकों को बिना वजह इंतजार न करना पड़े।
राज्य सूचना आयोग ने भी जताई थी चिंता
दरअसल, हरियाणा राज्य सूचना आयोग के संज्ञान में ऐसे मामले आए थे, जिनमें प्रथम अपीलों का समय पर निपटारा नहीं हो रहा था। कुछ मामलों में अधिकारियों की ओर से पर्याप्त कारण बताए बिना ही आदेश जारी किए जा रहे थे।
इस स्थिति को देखते हुए आयोग ने संबंधित प्रशासनिक विभागों, विभागाध्यक्षों और प्राधिकरणों से व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया था। इसके बाद सरकार ने सभी संबंधित अधिकारियों के लिए निर्देश जारी किए हैं।
लोगों को द्वितीय अपील के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर
सरकार की इस पहल का मकसद आरटीआई व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनाना है। यदि प्रथम अपील का फैसला समय पर और उचित कारणों के साथ होता है तो आवेदकों को छोटी-छोटी बातों के लिए राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील दायर करने की जरूरत कम पड़ेगी।
सरकार ने सभी विभागों के प्रथम अपीलीय प्राधिकारियों को निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा है। इससे उम्मीद है कि आरटीआई के माध्यम से जानकारी मांगने वाले लोगों को राहत मिलेगी और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी।

