हरियाणा सरकार ने इन कर्मचारियों के पदोन्नति के नियमों में किया बड़ा बदलाव
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने 20 अप्रैल 2026 को अनुसूचित जाति (एससी) कर्मचारियों की पदोन्नति से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किया है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी संशोधित निर्देशों के अनुसार, जिस भी प्रमोशनल कैडर में एससी कर्मचारियों का वास्तविक प्रतिनिधित्व 20 प्रतिशत से कम है, वहां रिक्त पदों पर सबसे पहले इसी वर्ग के योग्य कर्मचारियों पर विचार किया जाएगा। यह नई व्यवस्था सरकार के सभी विभागों, बोर्डों, निगमों, विश्वविद्यालयों और सांविधिक निकायों पर तत्काल प्रभाव से लागू मानी जाएगी। इस कदम को प्रशासनिक ढांचे में पारदर्शिता और संतुलन लाने की दिशा में बड़ा फैसला माना जा रहा है।
नए नियम के मुताबिक, किसी भी कैडर में एससी वर्ग की कमी को पूरा करने की यह प्रक्रिया तब तक चलती रहेगी जब तक प्रतिनिधित्व 20 प्रतिशत के स्तर तक नहीं पहुंच जाता। जहां एससी वर्ग का प्रतिनिधित्व पहले से 20 प्रतिशत या उससे अधिक है, वहां 'सीनियाेरिटी-कम-मेरिट' के आधार पर सामान्य नियमों के तहत ही पदोन्नति होगी और कोई अतिरिक्त प्राथमिकता लागू नहीं होगी।
2023 से चली आ रही 20% आरक्षण नीति में अब आई यह नई स्पष्टता
अक्टूबर 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने ग्रुप A और ग्रुप B पदों पर पदोन्नति में एससी के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण लागू किया था। इससे पहले यह आरक्षण केवल ग्रुप C और D तक ही सीमित था। उस समय के फैसले में यह स्पष्ट नहीं था कि मेरिट के आधार पर पदोन्नत हुए एससी कर्मचारियों को 20% की गणना में शामिल किया जाएगा या नहीं। सुप्रीम कोर्ट में जरनैल सिंह बनाम लच्छमी नारायण गुप्ता केस अभी भी लंबित है, इसलिए इन निर्देशों के तहत जारी सभी पदोन्नति आदेश न्यायालय के आगामी फैसलों के अधीन रहेंगे। अब 20 अप्रैल 2026 के ताजा संशोधन ने इसी महत्वपूर्ण बिंदु को स्पष्ट कर दिया है।
नए निर्देश का एक बेहद जरूरी पहलू यह है कि 20 प्रतिशत प्रतिनिधित्व की गणना करते वक्त उन एससी कर्मचारियों को भी गिना जाएगा जो बिना आरक्षण के, केवल अपनी मेरिट के बल पर पदोन्नत हुए हैं। इससे यह सुनिश्चित होगा कि किसी भी कैडर में एससी की वास्तविक भागीदारी का सही-सही आकलन हो और केवल कोटे के आंकड़ों के आधार पर कमी नहीं मापी जाए।
एससी कर्मचारियों के करियर पर सीधा असर, पदोन्नति प्रक्रिया होगी ज्यादा पारदर्शी
नए नियम से हरियाणा के उन हजारों एससी कर्मचारियों को सीधा फायदा होगा जो ऐसे विभागों या कैडर में काम करते हैं जहां उनका प्रतिनिधित्व अभी भी 20 प्रतिशत से कम है। अगर रोस्टर के अनुसार पदोन्नति के लिए कोई योग्य एससी कर्मचारी उपलब्ध नहीं है, तो किसी अन्य वर्ग के योग्य कर्मचारी को पदोन्नत किया जा सकता है और जब एससी कर्मचारी योग्य हो जाए, तो उसे अधिसंख्य पद पर समायोजित किया जाएगा। The Tribune साथ ही यह भी साफ किया गया है कि पदोन्नति में आरक्षण का सीनियाेरिटी पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
इसके अलावा सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन कैडर में प्रतिशत-आधारित मापदंड लागू होते हैं, वहां ACP वेतन लाभ देते समय पदोन्नति आरक्षण की गणना नहीं की जाएगी। यह संशोधन एक तरफ एससी वर्ग के कम प्रतिनिधित्व वाले कैडर में अवसर सुनिश्चित करता है और दूसरी तरफ जहां लक्ष्य पूरा हो चुका है, वहां सामान्य मेरिट आधारित प्रक्रिया को बाधित नहीं करता।
