Haryana Shamlat Land: 20 साल पुराने कब्जों के मालिकाना हक की डेडलाइन 2027 तक बढ़ी, जानें नया नियम
पंचकूला। हरियाणा में 20 साल से शामलात जमीन पर मकान बनाकर रह रहे परिवारों को मालिकाना हक देने के लिए प्रदेश सरकार ने आवेदन की समयसीमा 16 जनवरी 2027 तक बढ़ा दी है। मंगलवार को पंचकूला के इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में आयोजित राज्य स्तरीय सशक्त पंचायत समारोह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसकी घोषणा की। इस फैसले से उन हजारों ग्रामीण परिवारों को सीधा फायदा होगा, जो कागजी दिक्कतों की वजह से अब तक आवेदन नहीं कर पाए थे।
जमीन की कीमत के रूप में सरकार ने साल 2004 के कलेक्टर रेट का डेढ़ गुना पैसा जमा करवाने की शर्त रखी है। लंबे समय से ग्रामीण इलाकों में लोग शामलात जमीन पर घर बनाकर रह रहे थे, लेकिन उनके पास जमीन के कानूनी कागज नहीं थे। इसे देखते हुए सरकार ने इन लोगों को जमीन का असली मालिक बनाने की प्रक्रिया शुरू की है। समयसीमा बढ़ने से अब पात्र लोग आराम से अपने दस्तावेज पूरे करके मालिकाना हक ले सकेंगे।
मालिकाना हक पाने के लिए जरूरी शर्तें और तरीका:
- शामलात जमीन पर बने मकान में कम से कम 20 साल से रिहायश होना जरूरी है।
- आवेदक को मालिकाना हक के लिए तय किए गए सरकारी पोर्टल या संबंधित विभाग में अपना दावा पेश करना होगा।
- आवेदन के साथ रिहायश के सबूत के तौर पर पुराने बिल, वोटर कार्ड या पंचायत का प्रमाण पत्र देना होगा।
- तय की गई फीस (2004 के कलेक्टर रेट का डेढ़ गुना) सरकारी खाते में जमा करवानी होगी।
इस समारोह के दौरान ग्रामीण विकास से जुड़े कई और बड़े काम भी शुरू किए गए। मुख्यमंत्री ने 17 जिलों के 179 गांवों की फिरनियों (गांव के बाहरी रास्तों) पर 23 करोड़ 21 लाख रुपये की लागत से लगी एलईडी स्ट्रीट लाइटों का उद्घाटन किया। इसके साथ ही गांवों में पढ़ने वाले बच्चों की सहूलियत के लिए 17 जिलों में 44 करोड़ रुपये खर्च करके बनाई गई 350 अटल लाइब्रेरियों को भी जनता को सौंप दिया गया।
विकास, साफ-सफाई और अच्छे कामकाज के लिए प्रदेश की छह ग्राम पंचायतों को 'जागृत ग्राम पुरस्कार' से सम्मानित किया गया। इन पंचायतों को कुल 1 करोड़ 66 लाख रुपये की इनामी राशि दी गई। इनमें फतेहाबाद की जांडली कलां पंचायत को सबसे ज्यादा 51 लाख रुपये मिले। इसके अलावा चरखी दादरी के झिंझर को 31 लाख और अंबाला के साहा की पंचायत को 21 लाख रुपये दिए गए। दूसरी श्रेणी के पुरस्कारों में फतेहाबाद के जल्लोपुर को 31 लाख, गदली को 21 लाख और करनाल के मर्दानहेड़ी गांव को 11 लाख रुपये का इनाम मिला।
कार्यक्रम के आखिर में मुख्यमंत्री ने अलग-अलग सरकारी योजनाओं के तहत कुल 2,697 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि जारी की। उन्होंने रिमोट का बटन दबाकर हर महीने सीधे बैंक खातों (डीबीटी) में जाने वाली योजनाओं की किस्तें भी जारी की।
