हरियाणा में 15 जून से BLO घर-घर जाकर अपडेट करेगी वॉटर कार्ड, बस तैयार रखें ये डॉक्यूमेंट्स
हरियाणा में 2002 के बाद पहली बार घर-घर जाकर वोटर वेरिफिकेशन का बड़ा अभियान शुरू।
बीएलओ घर पर नहीं मिलने पर तीन बार करेंगे दौरा, फॉर्म न भरने पर कट सकता है वोटर लिस्ट से नाम।
जन्मतिथि और पते के सबूत के तौर पर आधार कार्ड मान्य नहीं, 10वीं की मार्कशीट या जन्म प्रमाण पत्र की पड़ेगी जरूरत।
21 जुलाई को जारी होगी पहली वोटर लिस्ट, 22 सितंबर को आएगी फाइनल मतदाता सूची।
सिरसा। हरियाणा में मतदाता सूची को पूरी तरह से सटीक और साफ-सुथरा बनाने के लिए आज (15 जून) से पूरे राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान शुरू हो गया है। चुनाव आयोग के निर्देश पर यह अभियान 14 जुलाई तक चलेगा, जिसमें 20 हजार से ज्यादा बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर वोटरों की जानकारी जांचेंगे और नए वोटर कार्ड बनाएंगे।
24 साल बाद हो रहा इतना बड़ा अभियान
हरियाणा में इससे पहले साल 2002 में इस स्तर का अभियान चलाया गया था। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक, इस अभियान का सीधा मकसद एक से ज्यादा जगह दर्ज वोटों, मृतकों और दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके लोगों के नाम वोटर लिस्ट से काटना है। इसके साथ ही, 1 जुलाई 2026 तक 18 साल के होने वाले युवाओं को मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।
बीएलओ तीन बार करेंगे घर का दौरा
अभियान के दौरान बीएलओ हर घर का दौरा करके एक खास फॉर्म (एन्यूमरेशन फॉर्म) देंगे। परिवार के सदस्यों को यह फॉर्म भरकर बीएलओ को वापस देना होगा। अगर किसी कारण से घर पर कोई नहीं मिलता है, तो बीएलओ कुल तीन बार चक्कर लगाएंगे। तीसरी बार भी घर बंद मिलने पर फॉर्म को दरवाजे के नीचे से डाल दिया जाएगा, जिस पर बीएलओ का नाम और नंबर लिखा होगा। फॉर्म भरकर जमा न करने पर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम कट सकता है।
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आधार कार्ड के अलावा मांगे जा सकते हैं ये डॉक्यूमेंट्स
जांच के दौरान अगर किसी वोटर की जानकारी पुरानी लिस्ट (साल 2002) से मैच नहीं होती है, तो उसे अपनी उम्र और पते का नया सबूत देना होगा। अधिकारियों ने साफ कहा है कि आधार कार्ड को सिर्फ पहचान के लिए माना जाएगा, इसे जन्मतिथि या पते का पुख्ता सबूत नहीं माना जाएगा। इसलिए जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं की मार्कशीट, राशन कार्ड, परिवार पहचान पत्र, पासपोर्ट या पानी-बिजली का बिल तैयार रखना जरूरी है।
वोटर लिस्ट जारी होने और सुधार की तारीखें
घर-घर जाकर जांच का काम 14 जुलाई को खत्म हो जाएगा। इसके बाद 21 जुलाई को पहली (ड्राफ्ट) वोटर लिस्ट जारी होगी। अगर इस लिस्ट में किसी का नाम छूट जाता है या कोई गलती होती है, तो 21 जुलाई से 20 अगस्त के बीच दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। सभी शिकायतों का निपटारा करने के बाद 22 सितंबर 2026 को अंतिम वोटर लिस्ट प्रकाशित कर दी जाएगी।
बीएलओ से संपर्क न होने पर यहां करें फोन
अगर किसी नागरिक के घर बीएलओ नहीं पहुंचते हैं या वोटर कार्ड अपडेट करने में कोई परेशानी आती है, तो चुनाव आयोग के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1950 पर सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक कॉल की जा सकती है। इसके अलावा 'ईसीआई नेट' मोबाइल ऐप के जरिए भी बीएलओ से सीधा संपर्क किया जा सकता है।
घर बैठे नया वोटर कार्ड बनवाने का तरीका
जो युवा पहली बार वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाना चाहते हैं, वे चुनाव आयोग के ऐप के जरिए खुद भी अप्लाई कर सकते हैं। इसकी प्रक्रिया इस प्रकार है:
- सबसे पहले मोबाइल में चुनाव आयोग का 'वोटर हेल्पलाइन' ऐप डाउनलोड करें।
- ऐप खोलकर मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन पूरा करें।
- 'वोटर रजिस्ट्रेशन' वाले विकल्प पर जाकर 'फॉर्म 6' चुनें।
- मांगी गई जरूरी जानकारी के साथ जन्म प्रमाण पत्र, पते का सबूत और नई फोटो अपलोड करके फॉर्म सबमिट करें।
