हरियाणा में जोहड़ और पंचायती भूमि पर अवैध कब्जों पर प्रशासन की कार्यवाही शुरू
बालसमंद (हिसार)। हिसार जिले के सबसे बड़े गांवों में शामिल बालसमंद में 29 जोहड़ों की सरकारी जमीन पर हुए अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। राजस्व विभाग ने पैमाइश करके कई कब्जाधारकों को कानूनी नोटिस भेजे हैं। जोहड़ नंबर 762 पर ही 100 से ज्यादा अवैध कब्जे मिले हैं जिन पर जल्द बेदखली की कार्रवाई हो सकती है।
किन जोहड़ों पर चल रही पैमाइश और कार्रवाई?
सरकारी रिकॉर्ड में बालसमंद गांव के अंदर कुल 29 जोहड़ दर्ज हैं। प्रशासन ने जोहड़ नंबर 765 और 766 की जमीन पर काबिज लोगों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। वहीं राजस्व विभाग के पटवारी और कानूनगो मौके पर जोहड़ नंबर 758, 759 और 760 की पैमाइश कर रहे हैं। इस पूरी कवायद का मकसद पंजाब विलेज कॉमन लैंड्स एक्ट के तहत पंचायती जमीन को अतिक्रमण मुक्त करवाना है।
दशकों पुराने मकान और श्मशान घाट का क्या होगा?
प्रशासनिक सख्ती के बाद ग्रामीणों में बेघर होने का डर फैल गया है। लोगों का कहना है कि विवादित जगहों पर कोई खाली प्लॉट नहीं हैं बल्कि वहां कई दशकों से पक्के मकान बने हुए हैं। इन जमीनों पर खेती के अलावा युवाओं के अखाड़े और श्मशान घाट भी मौजूद हैं। ग्रामीणों ने जिला उपायुक्त से अपील की है कि तोड़फोड़ से सैकड़ों गरीब परिवार सड़क पर आ जाएंगे। उन्होंने प्रशासन से इस कानूनी कार्रवाई के दौरान मानवीय पहलू ध्यान में रखने की मांग की है।
सरकारी जमीन की कैसे हो गई पक्की रजिस्ट्री?
इस जांच के दौरान एक बड़ा फर्जीवाड़ा भी सामने आया है। कुछ रसूखदार लोगों ने जोहड़ की सरकारी भूमि की बाकायदा अपने नाम रजिस्ट्री करवा रखी है। जमीन राजस्व रिकॉर्ड में सरकारी जोहड़ दर्ज होने के बावजूद सब-रजिस्ट्रार कार्यालय से ये रजिस्ट्रियां होना बड़े सवाल खड़े कर रहा है। प्रशासन अब इन दस्तावेजों की वैधता की भी जांच कर रहा है।
सरपंच और प्रशासन का इस कार्रवाई पर क्या कहना है?
बालसमंद की सरपंच मंजू ने स्पष्ट किया कि यह पूरी कार्रवाई जिला प्रशासन और उच्चाधिकारियों के सख्त आदेश पर हो रही है। जहां पैमाइश में अवैध निर्माण की पुष्टि हो चुकी है, पंचायत प्रशासन केवल वहीं नियमानुसार नोटिस भेज रहा है। दूसरी तरफ अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि जांच रिपोर्ट पूरी होने के बाद कानून के मुताबिक जमीन खाली करवाई जाएगी।
