गांव चानौत महापंचायत: 1 जून तक पानी नहीं मिला तो उखाड़ देंगे हांसी की पाइपलाइन, , हाईवे जाम करने की दी चेतावनी
हिसार। हरियाणा में भीषण गर्मी के बीच पीने के पानी की किल्लत अब एक बड़े आंदोलन का रूप लेती जा रही है। हिसार के गांव चानौत में पानी के मुद्दे पर वीरवार को हुई महापंचायत में किसानों ने प्रदेश सरकार और प्रशासन को आर-पार की लड़ाई की सीधी चेतावनी दे दी है। ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में ऐलान कर दिया है कि अगर एक जून तक उनके गांव को पानी नहीं मिला, तो वे हांसी शहर को जा रही भाखड़ा पेयजल पाइपलाइन को उखाड़कर सड़क पर फेंक देंगे और पूरा रास्ता जाम कर देंगे।
इस महापंचायत में हिसार के नवनिर्वाचित सांसद जयप्रकाश, इनेलो सुप्रीमो अभय चौटाला, भारतीय किसान यूनियन के नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी, विधायक जस्सी पेटवाड़ और किसान नेता सुरेश कोथ सहित कई बड़े खाप चौधरियों ने पहुंचकर किसानों के इस आंदोलन का खुला समर्थन किया है।
महापंचायत को संबोधित करते हुए इनेलो नेता अभय चौटाला ने सत्ता पक्ष पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर उनकी जनस्वास्थ्य विभाग के एसई तरुण गर्ग से बातचीत हुई है। अधिकारी पानी देना चाहते हैं, लेकिन सरकार में बैठे लोग गंदी राजनीति कर रहे हैं। चौटाला ने सीधा आरोप लगाया कि यह पानी हांसी की आम जनता के लिए नहीं, बल्कि स्थानीय विधायक विनोद भयाना द्वारा सरकार के साथ मिलकर काटी जा रही अवैध कॉलोनियों के लिए ले जाया जा रहा है।
वहीं, कांग्रेस सांसद जयप्रकाश ने कहा कि यह सरकार और विधायक की हठधर्मिता है। उन्होंने कहा कि अमृत योजना का फायदा शहर और गांव दोनों को बराबर मिलना चाहिए। महापंचायत जो भी कड़ा फैसला लेगी, वे ग्रामीणों के साथ मजबूती से खड़े हैं। किसान नेता गुरनाम चढ़ूनी ने भी सरकार को चेतावनी दी कि वह चानौत को अकेला समझने की भूल बिल्कुल न करे, इस हक की लड़ाई में पूरा हरियाणा उनके साथ खड़ा है।
गांव सालों से पीने के पानी के भारी संकट से जूझ रहा है। धरना कमेटी के सदस्य और पूर्व सरपंच सत्यवान दूहन ने बताया कि दो दिन पहले चंडीगढ़ में प्रशासनिक अधिकारियों और धरना कमेटी के बीच बैठक हुई थी, लेकिन वह पूरी तरह बेनतीजा रही। ग्रामीणों का साफ कहना है कि जब तक पानी नहीं मिलेगा, तब तक प्रशासन के साथ कोई समझौता नहीं होगा।
एक जून के बाद होने वाले किसी भी सीधे टकराव के लिए पूरी तरह से सरकार जिम्मेदार होगी। इसी धरने के दौरान एक दिलचस्प वाकया भी हुआ, जब भाजपा के एक नेता ने 51 हजार रुपये चंदा देने की घोषणा की। इस पर अभय चौटाला ने चुटकी लेते हुए कहा कि यह चंदा देकर सहानुभूति बटोरने का प्रयास है। अगर सच में लोगों के हितैषी हो तो भाजपा छोड़कर ग्रामीणों के हक की लड़ाई लड़ो।
हिसार के चानौत के अलावा सिरसा और फतेहाबाद जिलों में भी पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। सिरसा जिले के गांव बरूवाली प्रथम की पंचायत ने पेयजल संकट को लेकर उपायुक्त शांतनु शर्मा से मिलकर गुहार लगाई है। ग्रामीणों का दर्द है कि पंजाब से आने वाली नहरों का लेवल पंजाब क्षेत्र में हेड के पास से ऊंचा कर दिया गया है, जिससे पीने का पानी तक नहीं पहुंच रहा।
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हालात इतने खराब हैं कि दड़बी में लगाए गए ट्यूबवेल की मशीनरी भी जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने खुर्द-बुर्द कर दी है और एक साल पहले बिछाई गई पाइपलाइन जगह-जगह से लीक हो रही है। उधर, फतेहाबाद के टोहाना शहर में भी वार्ड नंबर 20 (मसाला फैक्टरी एरिया) के लोगों ने लंबे समय से चल रही पानी की भारी किल्लत से परेशान होकर रोष जताया। ग्रामीणों ने जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता शशिकांत का घेराव कर समाधान की मांग की, जिस पर अधिकारियों ने इलाके में जल्द नई पाइपलाइन बिछाने का आश्वासन दिया है।
