IIT Sirsa Proposal: मिठी सुरेरां गांव से भेजा गया 300 एकड़ जमीन का नक्शा, सीएम से मिल चुकी है पंचायत
हरियाणा के सिरसा जिले के मिठी सुरेरां गांव ने एक बड़ी पहल करते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) के लिए 300 एकड़ भूमि का नक्शा बनवाकर राज्य सरकार को भेजा है। यह गांव राजस्थान की सीमा से सटा हुआ है और पंजाब बॉर्डर से महज 35 से 40 किलोमीटर दूर स्थित है।
ग्राम पंचायत द्वारा भेजे गए इस प्रस्ताव को लेकर जिला प्रशासन ने भी गंभीरता दिखाई है और डीसी शांतनु शर्मा के माध्यम से पूरी रिपोर्ट हरियाणा सरकार को भेजी जा चुकी है।
सीएम से मिली पंचायत, मिला सकारात्मक आश्वासन
ग्राम पंचायत मिठी सुरेरां की ओर से इस संबंध में अप्रैल 2025 में प्रस्ताव तैयार कर डीसी कार्यालय को सौंपा गया था। इसके बाद पंचायत प्रतिनिधियों ने चंडीगढ़ जाकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भी मुलाकात की। सरपंच सत्यनारायण सैन के अनुसार, मुख्यमंत्री ने सकारात्मक रुख दिखाया और आश्वासन दिया कि इस प्रस्ताव पर जल्द कार्रवाई की जाएगी।
रेलवे लाइन और सिंचाई सुविधा से लैस है क्षेत्र
प्रस्तावित जमीन ऐलनाबाद उपमंडल के खिनानियां-हनुमानगढ़ रोड पर स्थित है, जो रणनीतिक रूप से बहुत उपयुक्त मानी जा रही है। यह भूमि रेलवे लाइन के बिल्कुल साथ लगती है, जिससे संस्थान को परिवहन की बेहतर सुविधा मिल सकेगी। साथ ही, यहां दो माइनर भी गुजरती हैं, जिनमें से एक घग्गर नदी के ओटू हेड से निकलती है और दूसरी पंजाब हेड से आती है, जिसकी क्षमता करीब 220 क्यूसेक है।
गांव का शैक्षणिक और ऐतिहासिक महत्व
मिठी सुरेरां गांव की आबादी लगभग 6,000 है और यह शिक्षा के क्षेत्र में पहले से ही अग्रणी रहा है। गांव से लगभग 65% साक्षरता दर है और 100 से ज्यादा लोग सरकारी नौकरियों में सेवाएं दे रहे हैं। इस गांव से रामप्रताप गोदारा जैसे स्वतंत्रता सेनानी और पूर्व विधायक भागीराम जैसे नेता भी जुड़े रहे हैं। गांव के कई युवा सब-इंस्पेक्टर, डॉक्टर और अन्य पदों पर चयनित हुए हैं।
सरकारी मेडिकल कॉलेज के बाद दूसरी बड़ी सौगात
अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो यह सिरसा जिले के लिए दूसरी बड़ी शैक्षणिक उपलब्धि होगी। इससे पहले जिले को एक मेडिकल कॉलेज की सौगात मिली है। आईआईटी की स्थापना से न केवल स्थानीय युवाओं को उच्च तकनीकी शिक्षा मिलेगी, बल्कि रोजगार, बुनियादी ढांचे और क्षेत्रीय विकास को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
प्रदेशभर से आई पंचायतों की मांग
सूत्रों की मानें तो हरियाणा सरकार ने विभिन्न जिलों से ग्राम पंचायतों से आईआईटी के लिए भूमि प्रस्ताव मंगवाए थे। ऐसे में मिठी सुरेरां गांव की यह पहल सबसे अग्रणी और ठोस मानी जा रही है। इस भूमि का वर्तमान में पंचायत द्वारा ठेका दिया गया है, लेकिन आईआईटी को स्वीकृति मिलने पर यह प्रक्रिया रोक दी जाएगी।
डीसी ने जताई उम्मीद
सिरसा के उपायुक्त शांतनु शर्मा ने पुष्टि की है कि मिठी सुरेरां गांव का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है और अब आगे की कार्रवाई राज्य सरकार के स्तर पर होगी। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव सिरसा के भविष्य को नई दिशा दे सकता है।
मिठी सुरेरां गांव से आईआईटी के लिए भेजा गया प्रस्ताव न केवल सिरसा बल्कि पूरे पश्चिमी हरियाणा के लिए विकास की नई राह खोल सकता है। अब सबकी निगाहें सरकार के अंतिम निर्णय पर टिकी हैं।

