सिरसा में युवक ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, मानसिक तनाव से जूझ रहा था.
सिरसा। हरियाणा के सिरसा जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। एक युवक ने डबवाली रेलवे स्टेशन के पास चलती मालगाड़ी के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। युवक की मौके पर ही मौत हो गई और उसका शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया। यह मामला न केवल एक परिवार के लिए गहरे दुख का कारण है, बल्कि समाज में बढ़ते मानसिक तनाव और इसके दुष्परिणामों की ओर भी इशारा करता है।
डबवाली में ननिहाल में रह रहा था युवक
जानकारी के मुताबिक मृतक युवक लखबीर सिंह (उम्र लगभग 25 वर्ष) सिरसा जिले के मौजगढ़ गांव का निवासी था। हाल के दिनों में वह डबवाली में अपने ननिहाल में रह रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बुधवार रात लगभग 12:30 बजे युवक रेलवे ट्रैक पर लेट गया था।
कुछ ही क्षणों बाद एक मालगाड़ी वहां से गुजरी और युवक की दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए डबवाली नागरिक अस्पताल भिजवाया गया।
मौके पर मिला क्षत-विक्षत शव
रेलवे पुलिस के मुताबिक, युवक की दोनों टांगें और एक बाजू ट्रेन की चपेट में आकर कट चुके थे। घटनास्थल का दृश्य इतना भयावह था कि देखने वालों की रूह कांप गई। कई राहगीरों और स्थानीय लोगों ने भी इस दुर्भाग्यपूर्ण दृश्य को देखा, जिससे माहौल गमगीन हो गया।
मानसिक तनाव बना जानलेवा
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि युवक लंबे समय से मानसिक तनाव में था। परिजनों से पूछताछ में भी यह पुष्टि हुई है कि लखबीर सिंह कुछ समय से चुपचाप और उदास रहने लगा था। नौकरी या अन्य पारिवारिक कारणों से वह तनाव में था, हालांकि इसकी सटीक वजह अभी सामने नहीं आई है।
पुलिस कर रही हर एंगल से जांच
घटना के बाद जांच अधिकारी ने बताया कि मामला प्रथम दृष्टया आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। उन्होंने कहा, “हम मृतक के परिवार से बातचीत कर रहे हैं ताकि मानसिक स्थिति और कारणों की सही जानकारी मिल सके। अगर किसी प्रकार की उकसावे या मजबूरी का एंगल सामने आता है, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
समाज के लिए चेतावनी
यह घटना समाज के लिए एक गहरी चेतावनी है कि मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज करना कितना घातक हो सकता है। ऐसे मामलों में परिवार और समाज को सजग रहना चाहिए और समय रहते सहायता उपलब्ध करवानी चाहिए।
सिरसा जिले के डबवाली रेलवे स्टेशन के पास हुई यह घटना न केवल एक व्यक्ति की दुखद समाप्ति है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज में जागरूकता की जरूरत को उजागर करती है। यदि समय रहते लखबीर सिंह को उचित मानसिक सहयोग मिलता, तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी। पुलिस की जांच जारी है और परिवार के बयान आने के बाद मामले में और जानकारी सामने आने की संभावना है।
