गांव चाहरवाला की बेटी कनिका बैनीवाल ने तीसरी बार कम्युनिटी साइंस विषय में UGC-NET किया क्वालीफाई.

चोपटा। हरियाणा के सिरसा जिले के राजस्थान बॉर्डर से सटे गांव चाहरवाला की होनहार बेटी कनिका बैनीवाल ने एक बार फिर अपने गांव और परिवार का नाम रोशन किया है। कनिका ने तीसरी बार UGC-NET परीक्षा कम्युनिटी साइंस विषय में उत्तीर्ण कर शिक्षा जगत में अपनी काबिलियत को साबित किया है।
कनिका, गांव के ही प्रसिद्ध प्रोफेसर कमलप्रीत बैनीवाल की सुपुत्री हैं। वह इससे पहले भी दो बार UGC-NET परीक्षा पास कर चुकी हैं, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि उनका लक्ष्य स्पष्ट है और मेहनत अटूट। उनकी इस उपलब्धि से गांव में खुशी का माहौल है।
परिवार में शिक्षा का माहौल
कनिका के भाई डॉ. जोगेंद्र बैनीवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि यह तीसरी बार है जब उनकी बहन ने नेट परीक्षा पास की है। उन्होंने कहा कि कनिका की सफलता पूरे परिवार के लिए गर्व का विषय है।
डॉ. जोगेंद्र स्वयं भी शिक्षा के क्षेत्र में एक मिसाल हैं। उन्होंने चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) से पीएचडी की है और गांव के पहले ब्रीडर बने हैं। उनका योगदान फसलों की नई किस्में विकसित करने में है, जो कृषि क्षेत्र के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।
गांव में जश्न का माहौल
गांव चाहरवाला की सरपंच कविता बैनीवाल और ब्लॉक समिति के चेयरमैन सूरजभान बुमरा ने कनिका की इस शानदार उपलब्धि पर उन्हें हार्दिक बधाई दी।
उन्होंने कहा कि गांव की बेटी ने पूरे क्षेत्र का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है और वह अन्य छात्राओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन गई है। सरपंच कविता ने कहा कि कनिका जैसे होनहार युवाओं के कारण ही ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा की अलख जल रही है।
बेटियों की उड़ान बन रही प्रेरणा
गांव की बेटियों द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे कीर्तिमान स्थापित करना समाज के लिए सकारात्मक संकेत है। कनिका की यह उपलब्धि यह दिखाती है कि ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राएं भी बड़े-बड़े मुकाम हासिल कर सकती हैं, बशर्ते उन्हें सही मार्गदर्शन और सहयोग मिले।
कनिका बेनीवाल की तीसरी बार नेट परीक्षा पास करना केवल एक व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि यह पूरे सिरसा जिले और खासकर गांव चाहरवाला के लिए गर्व की बात है।
उनकी यह उपलब्धि निश्चित ही अन्य युवाओं को प्रेरणा देगी कि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।