हरियाणा के ये 40 गांव बनेगें मॉडल विलेज, 19 करोड़ का बजट मंजूर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत-विकसित हरियाणा' संकल्प के तहत शुरू किए गए इस पायलट प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर को सुधारना है। केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इन 40 गांवों में ग्राम सचिवालय, व्यायामशाला, शिवधाम, फिरनी, स्ट्रीट लाइट, ई-लाइब्रेरी, तालाबों का जीर्णोद्धार और सीवरेज सिस्टम जैसे कार्य धरातल पर जल्द नजर आने चाहिए।
नई जानकारी के अनुसार, इन 'स्मार्ट विलेजेज' में ठोस कचरा प्रबंधन की आधुनिक व्यवस्था भी लागू की जाएगी, और कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता के लिए ई-टेंडरिंग व थर्ड-पार्टी ऑडिट का सहारा लिया जाएगा। विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक अधिकांश गांवों में इन परियोजनाओं पर काम पूरा हो चुका है, जबकि शेष के लिए अनुमानित लागत का बजट मुख्यालय भेज दिया गया है।
अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने शासन की योजनाओं के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अधिकारी आमजन की समस्याओं को प्राथमिकता से समझें और सुनिश्चित करें कि अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सुशासन का लाभ पहुंचे। विकास कार्यों की फाइलों को मुख्यालय स्तर पर एक सप्ताह के भीतर क्लीयरेंस देने के सख्त आदेश दिए गए हैं। साथ ही, अगले समीक्षा सत्र से पूर्व प्रत्येक गांव को आवंटित, मांगे गए और खर्च किए गए बजट की विस्तृत रिपोर्ट तैयार रखने को कहा गया है। उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने आश्वस्त किया कि 19 करोड़ रुपये के स्वीकृत बजट से रुके हुए कार्य अतिशीघ्र शुरू करवा दिए जाएंगे।
जमीन की व्यवस्था करेगी पंचायत
परियोजनाओं के सुचारू संचालन के लिए भूमि की उपलब्धता को अनिवार्य बताया गया है। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों के लिए सरकार पर्याप्त बजट मुहैया कराएगी, लेकिन ग्राम पंचायतों को इसके लिए जमीन उपलब्ध करवानी होगी। जिन गांवों में पंचायती जमीन उपलब्ध नहीं है, वहां भी वैकल्पिक व्यवस्था करने की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायत की ही होगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में इंद्री के विधायक रामकुमार कश्यप, नीलोखेड़ी के विधायक भगवानदास कबीरपंथी, करनाल के विधायक जगमोहन आनंद, असंध के विधायक योगेंद्र राणा सहित पंचायती राज व आयुष विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
