हरियाणा में पूर्व सैनिकों को मोबिलिटी उपकरण के लिए सरकार दे रही 1 लाख रुपये, आवेदन प्रक्रिया शुरू
चंडीगढ़। सरकार ने दिव्यांग पूर्व सैनिकों को व्हीलचेयर या अन्य गतिशीलता उपकरण (मोबिलिटी इक्विपमेंट) खरीदने के लिए एक लाख रुपये तक की नकद मदद देने का फैसला किया है। यह सहायता राशि उन पूर्व सैनिकों को मिलेगी जो ड्यूटी के दौरान या रिटायरमेंट के बाद किसी बीमारी या हादसे की वजह से 50 फीसदी या उससे ज्यादा दिव्यांग हो गए हैं। योजना के तहत सरकार उपकरण खरीदने का पूरा पैसा (100 प्रतिशत) एडवांस के रूप में सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजेगी।
60 दिन के अंदर जमा करना होगा पक्का बिल
योजना के नियम के मुताबिक, खाते में एडवांस पैसा आने के बाद पूर्व सैनिक को अपनी जरूरत के हिसाब से उपकरण खरीदना होगा। उपकरण खरीदने के बाद 60 दिनों के भीतर उसकी रसीद या खरीद का पक्का प्रमाण सैनिक बोर्ड में जमा करवाना अनिवार्य है। सरकार इस मद में अधिकतम एक लाख रुपये तक की ही मदद देगी। एक बार योजना का पैसा मिलने के बाद लाभार्थी अगले 10 सालों तक इस योजना में दोबारा आवेदन नहीं कर सकेगा।
जेसीओ और उससे निचले रैंक के जवानों को ही फायदा
इस योजना का दायरा सीमित रखा गया है। इसका लाभ केवल उन्हीं पूर्व सैनिकों को दिया जाएगा जो जेसीओ (JCO) या उससे निचले रैंक से रिटायर हुए हैं। योजना का फायदा लेने के लिए जिला और राज्य सैनिक बोर्ड की सिफारिश होना जरूरी है। शर्त यह भी है कि आवेदन करने वाला पूर्व सैनिक उस मोबिलिटी उपकरण को चलाने में सक्षम हो और जहां जरूरी हो, उसके पास गाड़ी चलाने का वैध ड्राइविंग लाइसेंस मौजूद हो।
केंद्रीय सैनिक बोर्ड की वेबसाइट पर भरे जाएंगे फॉर्म
सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण बोर्ड के वेलफेयर ऑर्गेनाइजर महेंद्र सिंह के अनुसार, आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है ताकि काम में पूरी पारदर्शिता रहे। योग्य पूर्व सैनिकों को केंद्रीय सैनिक बोर्ड (KSB) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना फॉर्म भरना होगा। फॉर्म जमा होते ही कंप्यूटर सिस्टम एक यूनिक एप्लीकेशन नंबर जनरेट करेगा। भविष्य में फॉर्म का स्टेटस चेक करने के लिए इस नंबर को संभालकर रखना होगा।
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ऑनलाइन फॉर्म के साथ अपलोड होंगे ये दस्तावेज
आवेदन करते समय वेबसाइट पर पूर्व सैनिकों को अपने असली कागजातों की साफ स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी। दस्तावेजों की सूची इस प्रकार है:
- पीपीओ (PPO)
- सर्विस बुक या डिस्चार्ज बुक
- ईएसएम (ESM) पहचान पत्र
- सक्षम मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र
- उपकरण बेचने वाले अधिकृत डीलर का एस्टीमेट (खर्च का अनुमान)
- वैध ड्राइविंग लाइसेंस (जहां लागू हो)
- चालू बैंक खाते की पासबुक या डिटेल
- आधार कार्ड की कॉपी
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केंद्रीय सैनिक बोर्ड का सचिवालय इन सभी ऑनलाइन दस्तावेजों और फॉर्म की जांच करेगा। इसके बाद सही पाए गए आवेदनों को मंजूरी के लिए आगे भेजा जाएगा और सीधे बैंक खाते में पैसा ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
