हरियाणा में शुरू हुई मुख्यमंत्री किसान एवं खेतिहर मजदूर जीवन सुरक्षा योजना, मिलेगी 500000 रुपये तक की सहायता
सिरसा: हरियाणा सरकार किसानों और खेतिहर मजदूरों के लिए मुख्यमंत्री किसान एवं खेतिहर मजदूर जीवन सुरक्षा योजना चला रही है। इस योजना के तहत अगर कोई किसान या मजदूर खेती के दौरान हादसे का शिकार हो जाता है तो उसे या उसके परिवार को 37,500 रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाती है। यह जानकारी हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड की ओर से जारी की गई है।
खेतों में काम करते समय अक्सर छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो जाती हैं। इस योजना के तहत दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिजनों को 5,00,000 रुपये की सहायता दी जाती है। वहीं अगर किसी किसान या मजदूर की रीढ़ की हड्डी टूट जाती है या फिर स्थायी अपंगता हो जाती है तो उसे 2,50,000 रुपये की मदद मिलेगी। इसके अलावा दो अंग या दोनों आंखें जाने पर 1,87,500 रुपये और एक अंग जाने पर 1,25,000 रुपये दिए जाएंगे। किसी की पूरी उंगली कट जाने पर 75,000 रुपये और आंशिक उंगली क्षति पर 37,500 रुपये की सहायता राशि का प्रावधान है।
किन हादसों में मिलती है सरकार से इतनी बड़ी मदद?
यह योजना सिर्फ ट्रैक्टर या थ्रैशर जैसी मशीनों से होने वाली दुर्घटनाओं तक सीमित नहीं है। इसके दायरे में कई तरह के हादसे शामिल किए गए हैं। इनमें कृषि मशीनरी, औजार, उपकरण या यंत्रों के उपयोग के दौरान हुई दुर्घटनाएं, कुआं खोदते या ट्यूबवेल लगाने के समय हादसे, गन्ना क्रशर, चाफ कटर या थ्रेशर चलाते समय दुर्घटनाएं शामिल हैं। यही नहीं, कुआं खोदते या संचालन के दौरान जहरीली गैस से होने वाली दुर्घटनाएं, बिजली करंट लगने से होने वाली घटनाएं भी इस योजना के दायरे में आती हैं।
योजना में कृषि उपज को वाहन में ले जाते समय पशु, बैलगाड़ी, ट्रक या अन्य वाहन से दुर्घटना को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा कीटनाशक, पेस्टिसाइड या खरपतवार नाशक दवाओं के उपयोग से नुकसान, मार्केट यार्ड में माल उतारते या तोलते समय दुर्घटनाएं तथा सांप या अन्य जहरीले जीवों के काटने से मृत्यु भी इस योजना में शामिल है। यह योजना किसानों, खेतीहर मजदूरों और मार्केट यार्ड में काम करने वाले मजदूरों के लिए एक बड़ा सुरक्षा कवच है।
सिरसा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में खेती के दौरान दुर्घटनाएं आम हो गई हैं, लेकिन अब सरकार ने हर स्थिति के लिए अलग से मुआवजा तय कर दिया है। किसानों और मजदूरों को इस योजना के बारे में जागरूक होने और समय रहते आवेदन करने की जरूरत है। अगर आप या आपके परिवार में कोई किसान या मजदूर दुर्घटना का शिकार होता है तो तुरंत नजदीकी कृषि विभाग या मार्केटिंग बोर्ड के कार्यालय में संपर्क करें। योजना का लाभ उठाने के लिए दुर्घटना के 30 दिनों के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है।
