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हरियाणा में लागू होगा नया कलेक्टर रेट: NCR में भी महंगी होगी जमीन.

1 अगस्त से बढ़ेंगे रजिस्ट्रेशन शुल्क, हरियाणा में जमीन खरीदना अब होगा महंगा
 
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एनसीआर में बढ़ेगी सबसे ज्यादा कीमत

हरियाणा में जमीन की खरीद-फरोख्त करने वालों के लिए बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में नए कलेक्टर रेट को मंजूरी दे दी है। यह नया रेट 1 अगस्त 2025 से पूरे प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा। इससे जमीन की न्यूनतम कीमतों में 5% से 25% तक की बढ़ोतरी होने जा रही है, जिसका सीधा असर NCR यानी गुरुग्राम, फरीदाबाद, बल्लभगढ़ जैसे इलाकों में प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री पर पड़ेगा।

सीएम की मंजूरी के बाद दो दिन बंद रहेंगी नई रजिस्ट्रियां

मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद प्रदेश की सभी तहसीलों में दो दिन तक नई रजिस्ट्री रोक दी गई हैं। 31 जुलाई तक सिर्फ उन्हीं प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री होगी, जिनका पहले से अपॉइंटमेंट लिया गया है। बाकी सभी नई रजिस्ट्रियों की प्रक्रिया 1 अगस्त से नए रेट के अनुसार शुरू होगी। इसके लिए सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों (DC) को पत्र जारी कर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

क्या होता है कलेक्टर रेट?

कलेक्टर रेट किसी भी इलाके में जमीन या प्रॉपर्टी की वह न्यूनतम सरकारी कीमत होती है, जिस पर रजिस्ट्री की जाती है। यह बाजार मूल्य से कम हो सकती है, लेकिन रजिस्ट्री इसी पर आधारित होती है। इसका निर्धारण स्थानीय प्रशासन द्वारा हर साल या आवश्यकता अनुसार किया जाता है। रेट बढ़ने से रजिस्ट्री फीस, स्टांप ड्यूटी और अन्य शुल्क भी बढ़ जाते हैं।

एनसीआर में बढ़ेगी सबसे ज्यादा कीमत

दिल्ली से सटे हरियाणा के जिलों में जमीनों की मांग पहले से अधिक रहती है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, बल्लभगढ़, सोहना आदि क्षेत्र पहले ही रियल एस्टेट के हॉटस्पॉट माने जाते हैं। यहां पहले से ही जमीन के रेट अधिक हैं।

ऐसे में इन जिलों में कलेक्टर रेट बढ़ने का मतलब है प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन पर लोगों को ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। अनुमान है कि NCR में जमीन के रेट प्रदेश के बाकी जिलों की तुलना में 15% से 25% तक बढ़ सकते हैं।

पहले क्यों टाला गया था फैसला?

वित्तायुक्त सुमिता मिश्रा ने कुछ समय पहले पत्र जारी कर संकेत दिया था कि सरकार कलेक्टर रेट बढ़ाने का मन बना चुकी है, लेकिन आमजन से सुझाव व आपत्तियां लेने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।

इससे पहले 1 अप्रैल 2024 को रेट बढ़ाने का प्रस्ताव था, लेकिन लोकसभा और विधानसभा चुनावों के चलते यह प्रक्रिया टाल दी गई थी। फिर 1 दिसंबर 2024 को थोड़ी बहुत वृद्धि की गई, लेकिन व्यापक रूप से बदलाव अब 1 अगस्त 2025 से देखने को मिलेगा।

आम लोगों पर सीधा असर

जिन लोगों ने अभी तक प्रॉपर्टी नहीं खरीदी थी, उन्हें अब ज्यादा रकम चुकानी होगी।

स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस बढ़ने से बजट पर असर पड़ेगा।

रियल एस्टेट सेक्टर में एक बार फिर हलचल तेज हो सकती है।

हरियाणा सरकार के इस फैसले से राज्य में प्रॉपर्टी सेक्टर पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा। खासकर NCR क्षेत्र के लोग ज्यादा प्रभावित होंगे। हालांकि सरकार का कहना है कि इस कदम से राजस्व वृद्धि होगी और बाजार मूल्य के अनुरूप ही सरकारी दरें निर्धारित की जा रही हैं।

यदि आप हरियाणा में कोई प्रॉपर्टी खरीदने की सोच रहे हैं, तो 1 अगस्त से पहले रजिस्ट्रेशन कराना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

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