हिसार में सिद्धमुख ब्रांच नहर टूटी, 50 ढाणियां जलमग्न, हजारों एकड़ फसल पर खतरा
कालीरावण गांव के पास तटबंध टूटने से मचा हड़कंप, ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा; लोगों और पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे ग्रामीण
हिसार। हरियाणा के हिसार जिले के गांव कालीरावण के पास राजस्थान की ओर जाने वाली सिद्धमुख ब्रांच नहर शुक्रवार दोपहर अचानक टूट गई। नहर के तटबंध पर पानी का दबाव बढ़ने से कटाव बड़ा हो गया और तेज बहाव के साथ पानी आसपास के खेतों और निचले रिहायशी इलाकों में फैल गया। नहर टूटने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पानी भरने से करीब 50 ढाणियां पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं।

घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। ग्रामीण पानी से घिरी ढाणियों में फंसे लोगों और उनके पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हुए हैं। वहीं, नहर के कटाव को रोकने के लिए मिट्टी से भरी बोरियां लगाने और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की मदद से मरम्मत के प्रयास किए जा रहे हैं।
नहर में सुबह था 13 फीट पानी, अभी भी तेज बहाव
ग्रामीणों के अनुसार, शुक्रवार सुबह नहर में पानी का स्तर करीब 13 फीट था, जबकि घटना के बाद भी मौके पर लगभग 8 फीट पानी बह रहा है। पानी का दबाव अधिक होने के कारण कटाव को बंद करने में परेशानी आ रही है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते कटाव को पूरी तरह नहीं रोका गया तो हजारों एकड़ कृषि भूमि और सैकड़ों मकानों को भारी नुकसान हो सकता है।
सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे
नहर टूटने की सूचना मिलने के बाद सिंचाई विभाग के एसडीओ सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों के सहयोग से राहत एवं मरम्मत कार्य चलाया जा रहा है। कटाव को जल्द भरने के लिए कालीरावण और आसपास के गांवों से मनरेगा के तहत काम करने वाले श्रमिकों को भी बुलाया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, नहर में पानी का बहाव पूरी तरह बंद होने में समय लग सकता है। बताया जा रहा है कि शनिवार तक पानी का बहाव पूरी तरह बंद हो पाएगा। फिलहाल प्राथमिकता कटाव को रोकने और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित रखने की है।

कई ग्रामीणों की ढाणियों में घुसा पानी
नहर का पानी फैलने से पूर्व सरपंच प्रभु कस्वां की ढाणी सहित अमर सिंह, महाबीर, बेगराज, मांगेराम और रामफल की ढाणियां प्रभावित हुई हैं। इन ढाणियों में पानी भरने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण अपने स्तर पर लोगों, पशुओं और घरेलू सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के प्रयास कर रहे हैं।
पूर्व सरपंच ने प्रशासन पर लगाए लापरवाही के आरोप
कालीरावण के पूर्व सरपंच प्रभु कस्वां ने प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि समय रहते नहर को पीछे मुख्य ब्रांच टोहाना और काजल हेड से बंद करवा दिया जाता तथा तुरंत भारी मशीनरी मौके पर भेजी जाती तो इतना बड़ा नुकसान होने से बचाया जा सकता था।
उन्होंने कहा कि प्रशासन को स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए थे। ग्रामीणों का कहना है कि नहर के कटाव को जल्द से जल्द बंद करना जरूरी है, ताकि आसपास के गांवों की कृषि भूमि और रिहायशी ढाणियों को और अधिक नुकसान से बचाया जा सके।
फिलहाल ग्रामीण, सिंचाई विभाग के कर्मचारी और अधिकारी मिलकर राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। सभी की नजरें नहर के कटाव को पूरी तरह बंद करने और पानी के बहाव को रोकने पर टिकी हैं।

