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सिरसा: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर लॉर्ड शिवा कॉलेज में नाटक 'रबड़ी' का मंचन, महिलाओं के संघर्ष और अधिकारों की उठी आवाज

लॉर्ड शिवा कॉलेज में गूंजी महिला अधिकारों की आवाज, 'रबड़ी' नाटक देखकर भावुक हुए लोग
 
 
सिरसा के लॉर्ड शिवा कॉलेज में नाटक रबड़ी का मंचन

सिरसा के लॉर्ड शिवा कॉलेज ऑफ फार्मेसी में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में 'रबड़ी' नामक नाटक का प्रभावशाली मंचन किया गया। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, पटियाला के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में के.एल. थियेटर प्रोडक्शन्स के कलाकारों ने समाज में महिलाओं के संघर्ष, उनके आत्मसम्मान और अधिकारों के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लॉर्ड शिवा कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्राचार्या डॉ. मधु बिश्नोई मौजूद रहीं।

सिरसा के लॉर्ड शिवा कॉलेज में नाटक रबड़ी का मंचन

'शानदार अभिनय ने दर्शकों को किया भावुक, शिक्षा पर सोचने को किया मजबूर'

कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुति की सराहना करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. मधु बिश्नोई ने कहा कि नाटक के निर्देशक कर्ण लढा और कलाकारों ने जिस तरह का सजीव और प्रभावशाली अभिनय किया है, उसने दर्शकों को भीतर तक झकझोर दिया। उन्होंने बताया कि इस प्रस्तुति ने वहां मौजूद लोगों को महिलाओं की शिक्षा और उनके बुनियादी अधिकारों के बारे में गंभीरता से सोचने पर मजबूर कर दिया। डॉ. बिश्नोई ने जोर देते हुए कहा कि ऐसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि ये समाज में महिलाओं की स्थिति से जुड़े गंभीर मुद्दों को उजागर कर सकारात्मक बदलाव लाने का एक मजबूत माध्यम बन रही हैं।

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सामाजिक जागरूकता में नाटकों की अहम भूमिका, कॉलेज ने जताया आभार

लॉर्ड शिवा कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुधांशु पांडे ने इस सार्थक पहल के लिए के.एल. थियेटर प्रोडक्शन्स और उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण का संदेश देने वाले ऐसे नाटकों का मंचन सामाजिक जागरूकता बढ़ाने में अहम कड़ी साबित होता है।

कार्यक्रम के अंत में संयोजक और के.एल. थियेटर के निदेशक कर्ण लढा ने मुख्य अतिथि डॉ. मधु बिश्नोई और उप-प्राचार्य डॉ. जगतार सिंह का धन्यवाद किया। साथ ही, उन्होंने उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक एम. फुरकान खान का विशेष आभार जताया कि उन्होंने सिरसा जैसे जिले में महिला अधिकारों पर आधारित इस विशेष प्रस्तुति को मंच पर उतारने का मौका दिया।
 

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