सिरसा पुलिस ने पशु क्रूरता के मामले में बड़ी कार्रवाई की: पंजाब के दो आरोपी गिरफ्तार.

हरियाणा के सिरसा जिले में डबवाली पुलिस ने पशु क्रूरता के एक गंभीर मामले में दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन दोनों आरोपियों को उस समय पकड़ा जब वे एक पिकअप वाहन में 11 पशुओं को ठूंस-ठूंसकर भरकर ले जा रहे थे।
इनमें से तीन पशु मृत अवस्था में पाए गए, जबकि बाकी पशु अत्यंत दयनीय स्थिति में थे। यह मामला न केवल अवैध पशु तस्करी का है, बल्कि जानवरों के साथ की गई अमानवीयता का भी एक बड़ा उदाहरण है।
पकड़े गए आरोपी पंजाब के मुक्तसर जिले से
डबवाली पुलिस की चौकी चौटाला टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की। पुलिस ने मौके से पिकअप गाड़ी को जब्त कर लिया और उसमें मौजूद दोनों व्यक्तियों को हिरासत में लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपी पंजाब के मुक्तसर जिले के मेहना गांव के निवासी सुरजीत सिंह और जगदेव राम हैं। प्रारंभिक पूछताछ में इन लोगों ने बताया कि वे पशुओं को अवैध रूप से राजस्थान की ओर ले जा रहे थे।
वाहन में अत्यधिक क्रूरता से भरे गए थे जानवर
पुलिस के मुताबिक, आरोपी जिस पिकअप वाहन में पशुओं को ले जा रहे थे, उसमें जानवरों को न तो ठीक से खड़ा होने की जगह दी गई थी और न ही उनके खाने-पीने या हवा की कोई व्यवस्था थी। वाहन में ठूंस-ठूंसकर 11 पशु भरे गए थे, जिनमें से तीन की मौके पर ही मृत्यु हो चुकी थी। शेष आठ पशुओं को पुलिस ने तुरंत पशु चिकित्सा विभाग के हवाले किया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
मामला पशु क्रूरता और तस्करी की धाराओं में दर्ज
पुलिस ने इस मामले में भारतीय दंड संहिता (IPC) और पशु क्रूरता अधिनियम (Prevention of Cruelty to Animals Act) के तहत मामला दर्ज किया है। डबवाली थाना प्रभारी के अनुसार, पशुओं को इस प्रकार से अवैध तरीके से ढोना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि समाज के नैतिक मूल्यों पर भी एक प्रहार है।
CID और पशु संरक्षण संस्थाएं हुईं सतर्क
इस घटना के बाद सिरसा जिला पुलिस ने पशु तस्करी के मामलों पर विशेष निगरानी रखने का आदेश जारी किया है। साथ ही, CID भी अब इस नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। पशु संरक्षण से जुड़ी संस्थाओं ने भी इस घटना की निंदा की है और आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सिरसा में बढ़ रहे हैं पशु तस्करी के मामले
यह पहली बार नहीं है जब सिरसा जिले में पशु तस्करी का मामला सामने आया है। इससे पहले भी कई बार सीमावर्ती क्षेत्रों से पशुओं को राजस्थान या अन्य राज्यों में अवैध रूप से ले जाते हुए पकड़ा गया है। पुलिस के मुताबिक, इन घटनाओं के पीछे संगठित गैंग काम कर रहे हैं, जो भारी मुनाफे के लिए जानवरों की तस्करी करते हैं।
समाज को भी निभानी होगी जिम्मेदारी
सिरसा पुलिस की यह कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन पशु क्रूरता और तस्करी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए समाज को भी सजग होना होगा। अगर आम नागरिक इस तरह की गतिविधियों की जानकारी पुलिस को समय रहते दें, तो ऐसे अपराधों पर अंकुश लग सकता है।