सोनीपत को मिली 10 और AC ई-बसें, देखें नया टाइमिंग और रूट
सोनीपत। हरियाणा रोडवेज की तरफ से सोनीपत बस अड्डे से कुंडली बॉर्डर रूट पर चलाई जा रही वातानुकूलित (एसी) इलेक्ट्रिक बसें अब लोगों की पहली पसंद बन गई हैं। कम किराया, एसी की ठंडी हवा और आरामदायक सफर के चलते सुबह और शाम के समय इन बसों में भारी भीड़ उमड़ रही है। यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए रोडवेज विभाग ने इस रूट पर 10 ई-बसें उतार दी हैं और इनके चक्कर (फेरे) भी बढ़ा दिए हैं।
ऑटो और निजी वाहनों के मुकाबले ई-बस का सफर सस्ता होने के कारण लोग अब बसों का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। सोनीपत बस अड्डे से बहालगढ़ तक जाने के लिए जहां ऑटो चालक 20 रुपये लेते हैं, वहीं ई-बस में सिर्फ 15 रुपये लगते हैं। इसी तरह कुंडली बॉर्डर तक पहुंचने के लिए ऑटो का किराया 40 रुपये है, जबकि एसी बस में यह सफर 35 रुपये में पूरा हो जाता है। सस्ते किराये और समय पर बस मिलने के कारण दैनिक यात्री काफी खुश हैं। इन बसों में डीजल बसों की तरह धुआं और शोर नहीं होता, जिससे पर्यावरण भी साफ रहता है।
सोनीपत रोडवेज के महाप्रबंधक (जीएम) संजय कुमार ने बताया कि यात्रियों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए अब दोपहर के समय भी बसें चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर लोगों का ऐसा ही अच्छा रुझान मिलता रहा, तो आने वाले समय में जिले के दूसरे बड़े रूटों पर भी ई-बस सेवा शुरू कर दी जाएगी। लगातार बढ़ती भीड़ को देखकर दैनिक यात्रियों ने भी विभाग से बसों के चक्कर और बढ़ाने की मांग की है।
रोडवेज विभाग ने इन ई-बसों का समय (टाइम टेबल) भी तय कर दिया है। सुबह की शिफ्ट में सोनीपत से पहली बस 6:30 बजे चलती है। इसके बाद 6:50, 7:10, 7:30, 7:50, 8:30, 9:10, 9:30, 9:50 और सुबह 10:10 बजे बसें उपलब्ध हैं। दूसरी तरफ, शाम की शिफ्ट की शुरुआत दोपहर 12:40 से होती है। इसके बाद 1:20, 2:00, 2:40, 3:00, 3:20, 3:40, 4:20, 5:00 और शाम 5:40 बजे तक बसें लगातार चक्कर लगाती हैं।
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रूट के अन्य स्टॉपेज के किराये की बात करें तो राई तक का बस और ऑटो दोनों का किराया 20 रुपये है। बीसवां मील के लिए बस में 25 रुपये लगते हैं। रसोई व नांगल के लिए बस का किराया 30 रुपये है। वहीं, प्याऊ मनियारी, कुंडली गांव और कुंडली बॉर्डर तक ई-बस का किराया 35 रुपये तय किया गया है। कुछ छोटे स्टॉपेज पर ऑटो का किराया बस से थोड़ा कम या बराबर जरूर है, लेकिन एसी की ठंडक और सुरक्षा के कारण लोग बस के सफर को ही प्राथमिकता दे रहे हैं।
