https://www.choptaplus.in/

डबवाली के गांव में आवारा कुत्तों का खौफ: एक सप्ताह में 12 लोगों को काटा.

डबवाली के बिज्जूवाली गांव में आवारा कुत्तों का डर अब सामाजिक संकट का रूप ले चुका है।
 
awara kuta
गांव के लोगों का कहना है कि अब बच्चों ने घर से बाहर खेलना बंद कर दिया है।


सिरसा जिले के डबवाली क्षेत्र के बिज्जूवाली गांव में आवारा कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि लोग दहशत के साए में जी रहे हैं। बीते एक सप्ताह में करीब 12 ग्रामीणों को कुत्तों ने काट खाया है। हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। स्थिति यह हो गई है कि लोग दिन में भी घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं।

 

 

ग्रामीणों के अनुसार गांव की गलियों और सड़कों पर कुत्तों के झुंड बेखौफ घूमते हैं और लोगों पर झपट पड़ते हैं। इन कुत्तों ने खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को निशाना बनाया है। दोपहिया वाहनों पर सवार लोग भी इनके हमलों से बच नहीं पाए हैं।

बच्चों का खेलना बंद, बुजुर्गों की सुबह की सैर छूटी


बिज्जूवाली गांव के लोगों का कहना है कि अब बच्चों ने घर से बाहर खेलना बंद कर दिया है। वहीं जो बुजुर्ग रोज सुबह-शाम टहलने जाते थे, वे भी अब अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं। कुछ लोगों ने स्कूल जाने वाले बच्चों को भी अकेले भेजना बंद कर दिया है।

गोशाला की गायों पर भी हमला
कुत्तों की यह हिंसक प्रवृत्ति केवल इंसानों तक सीमित नहीं है। उन्होंने गोशाला में बंधी गायों को भी निशाना बनाया है। कुछ दिन पहले दो-तीन गायों को कुत्तों ने काट खाया जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गईं। ग्रामीण रूपचंद, रामप्रताप मिस्त्री, साक्षी और एक बुजुर्ग महिला समेत कई लोग इनके हमले का शिकार हो चुके हैं।

प्रशासन और पंचायत की लापरवाही
गांव के लोग प्रशासनिक व्यवस्था से खासा नाराज हैं। उनका आरोप है कि ग्राम पंचायत के मुखिया और वार्ड पंच गांव में ही रहते हैं और सब कुछ जानते हुए भी चुप्पी साधे हुए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत से कई बार कुत्तों को पकड़वाने की मांग की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

स्थानीय प्रशासन और पंचायत विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। इस बीच आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है और ग्रामीणों का जीवन संकट में पड़ गया है।

कॉल करने पर पंचायत ने नहीं उठाया फोन
इस मुद्दे पर पंचायत के मुखिया से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। इससे ग्रामीणों में और ज्यादा रोष है।

समाधान की मांग
गांव के लोगों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए टीम भेजी जाए। साथ ही, पशु चिकित्सा विभाग से आग्रह किया गया है कि कुत्तों को पकड़कर उन्हें टीकाकरण और नसबंदी जैसी प्रक्रिया से गुजरवाया जाए, ताकि भविष्य में इस समस्या से राहत मिल सके।


डबवाली के बिज्जूवाली गांव में आवारा कुत्तों का डर अब सामाजिक संकट का रूप ले चुका है। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो आने वाले दिनों में यह स्थिति और ज्यादा भयावह हो सकती है। ग्रामीणों की सुरक्षा और मानसिक शांति के लिए प्रशासन को तत्काल एक्शन लेना होगा।
 

Rajasthan