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हरियाणा में ड्यूटी के दौरान दर्दनाक हादसा: करंट लगने से लाइनमैन की मौत, जांच शुरू।

लाइन में करंट दौड़ जाने से वह बुरी तरह झुलस गया और अस्पताल ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया।
 
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हादसा लाइन चेक करते वक्त हुआ

हरियाणा के सिरसा जिले के डबवाली क्षेत्र से एक दुखद खबर सामने आई है, जहां बिजली विभाग में कार्यरत एक लाइनमैन की करंट लगने से मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब वह एक ट्रांसफार्मर के पास तकनीकी खराबी को ठीक कर रहा था। लाइन में करंट दौड़ जाने से वह बुरी तरह झुलस गया और अस्पताल ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया।

 

हादसा लाइन चेक करते वक्त हुआ

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक लाइनमैन की पहचान सुभाष कुमार (उम्र लगभग 38 वर्ष) के रूप में हुई है। वह बिजली निगम के तहत कार्यरत था और सोमवार दोपहर करीब 12 बजे उसे उपमंडल के एक गांव में ट्रांसफार्मर की शिकायत पर भेजा गया था।

ग्रामीणों ने बताया कि वहां बिजली की सप्लाई बार-बार ट्रिप हो रही थी, जिस कारण विभाग ने सुभाष को मौके पर भेजा।

जब सुभाष लाइन में खराबी की जांच कर रहा था, तभी अचानक बिजली सप्लाई चालू हो गई और वह करंट की चपेट में आ गया।

उसके साथी कर्मचारियों और ग्रामीणों ने तुरंत उसे नीचे उतारा और डबवाली के सिविल अस्पताल ले जाने का प्रयास किया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो गई।

मौके पर मचा हड़कंप

हादसे के बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों में शोक की लहर दौड़ गई। सुभाष एक अनुभवी कर्मचारी था और पिछले 10 वर्षों से विभाग में कार्यरत था। घटना के बाद कर्मचारियों में गुस्सा देखा गया, क्योंकि उनका कहना है कि जब तक लाइन पूरी तरह से बंद न हो, तब तक काम शुरू नहीं किया जाना चाहिए।

लाइनमैन यूनियन के प्रतिनिधियों ने दावा किया कि सुरक्षा उपकरणों की कमी और विभागीय लापरवाही के चलते ऐसे हादसे लगातार हो रहे हैं। यूनियन ने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच कराने और मृतक के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की है।

विभागीय जांच के आदेश

बिजली विभाग के एसडीओ ने मौके पर पहुंचकर घटना का जायजा लिया और प्रारंभिक जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट किया जाएगा कि करंट सप्लाई कैसे शुरू हुई जबकि लाइनमैन कार्य कर रहा था। यदि इसमें किसी भी कर्मचारी की लापरवाही पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि सुभाष के परिवार को विभागीय नियमानुसार सहायता दी जाएगी और उनके बच्चों की पढ़ाई, पत्नी को नौकरी देने जैसे सभी पहलुओं पर विचार किया जाएगा।

सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर से बिजली विभाग में कार्यरत फील्ड कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे कर्मचारियों को अक्सर बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों और निगरानी के भेज दिया जाता है, जिससे उनकी जान जोखिम में पड़ जाती है।

यूनियन का कहना है कि अगर पूरी सुरक्षा प्रक्रिया का पालन किया जाता, तो शायद यह हादसा टल सकता था।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

मृतक सुभाष के परिवार में पत्नी, दो छोटे बच्चे और बुजुर्ग माता-पिता हैं। हादसे की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां रो-रोकर उनका बुरा हाल हो गया। गांव में भी मातम पसरा हुआ है। सुभाष को उसकी मेहनत और मिलनसार स्वभाव के लिए जाना जाता था।

डबवाली की यह घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की गंभीर लापरवाही का परिणाम है। उम्मीद है कि इस मामले में समय पर जांच और उचित मुआवजा सुनिश्चित किया जाएगा ताकि आगे ऐसे हादसे न हों।

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