हरियाणा में यमुना नदी उफान पर, जलस्तर 3 लाख क्यूसेक पार
5 जिलों में बाढ़ का खतरा; जमीन कट रही, बांध रिस रहे, आबादी क्षेत्र अलर्ट पर
Yamuna Flood Alert in Haryana: पहाड़ों पर हो रही मूसलाधार बरसात का असर अब मैदानी इलाकों पर साफ दिखने लगा है। यमुना नदी उफान पर है और हथिनीकुंड बैराज से सोमवार सुबह 6 बजे के बाद नदी का जलस्तर 3 लाख क्यूसेक से ज्यादा बना हुआ है।
सुबह 11 बजे तक यह 3,21,653 क्यूसेक दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सर्वाधिक स्तर है। लगातार 5 घंटे तक जलस्तर 3 लाख क्यूसेक पार रहने से हरियाणा के 5 जिलों—यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत और फरीदाबाद—में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
Delhi तक पानी पहुंचने का समय घटा
सामान्य स्थिति में हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा गया पानी दिल्ली तक 72 घंटे में पहुंचता है। लेकिन इस बार पानी की मात्रा और गति (water speed) दोनों ज्यादा होने के कारण अनुमान है कि यह सिर्फ 50 घंटे में ही दिल्ली के राजघाट तक पहुंच जाएगा। ऐसे में दिल्ली के बाहरी कॉलोनियों में भी खतरे का अलर्ट जारी कर दिया गया है।
पांच जिलों में Administration Alert
हरियाणा में यमुना नदी के किनारे बसे पांचों जिलों में प्रशासन ने अलर्ट घोषित किया है। इन इलाकों में बाढ़ का सीधा असर खेती-किसानी, गांवों के आपसी संपर्क और आबादी वाले इलाकों पर पड़ता है।
सबसे बड़ा खतरा भूमि कटाव (Soil Erosion) का रहता है।
कई जगह बांधों से पानी रिसने की खबरें भी सामने आ रही हैं।
खेतों में खड़ी फसलों पर सबसे पहले असर पड़ता है।
कलेसर से मैदानी इलाकों में प्रवेश करती है यमुना
यमुना नदी हिमाचल प्रदेश के पहाड़ों से उतरकर यमुनानगर जिले के कलेसर के पास मैदान में प्रवेश करती है। यहां से नदी हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बीच सीमा बनाती है। उत्तर प्रदेश सरकार ने अपनी ओर तटबंध (Embankment) को मजबूत किया है, लेकिन हरियाणा की तरफ कई जगह तटबंध कमजोर होने से ज्यादा नुकसान होने की संभावना रहती है।
जिलेवार स्थिति
यमुनानगर: 5 गांवों में भूमि कटाव, बांध रिसने लगे
यमुनानगर जिले के गांव लापरा के खेतों तक यमुना का पानी पहुंच चुका है।
मांडेवाला और नवाजपुर में Soil Erosion देखा जा रहा है।
बेलगढ़ में बने पत्थर-बजरी के बंध से पानी रिसने लगा है।
कलेसर में भूमि कटाव तेजी से बढ़ रहा है।
छोटा लापरा, टापूमाजरी, घोड़ों पिपली और लाल छप्पर जैसे गांव खतरे में हैं।
ग्रामीणों ने चिंता जताई है कि अगर जलस्तर और बढ़ा तो बाढ़ की स्थिति गंभीर हो जाएगी।
करनाल: इंद्री और घरौंडा में खतरा
करनाल जिले में यमुना किनारे के कई गांवों में पानी फैलने लगा है।
घरौंडा के गढ़ी भरल क्षेत्र में खेतों में 4 फीट तक पानी जमा हो गया है।
इंद्री क्षेत्र में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।
गांव चंद्राव, नबीयाबाद और नगली में फसलों पर खतरा मंडरा रहा है।
फिलहाल पानी तटबंध से थोड़ा नीचे है, लेकिन जैसे ही जलस्तर बढ़ेगा, खेत और गांव जलमग्न हो सकते हैं।
पानीपत: 7 गांवों का संपर्क टूटने का खतरा
पानीपत जिले में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान 231.50 मीटर पर पहुंच गया है।
गढ़ी सनौली, गढ़ी बेसिक, नवादा आर, नवादा पार, पत्थरगढ़, तमसाबाद और राणा माजरा गांव प्रभावित होने की आशंका है।
इन गांवों का हरियाणा से संपर्क टूटने की स्थिति बन सकती है, जिसके बाद लोगों को यूपी की तरफ से निकलना पड़ता है।
सोनीपत: 30 गांवों में अलर्ट
सोनीपत जिले में गन्नौर से दिल्ली बॉर्डर तक करीब 30 गांव हर साल यमुना बाढ़ से प्रभावित होते हैं।
इस बार भी बख्तावरपुर, गढ़ी, मेहंदीपुर और जैनपुर गांवों में खतरा बढ़ गया है।
भूमि कटाव के कारण खेतों की उपजाऊ मिट्टी (Fertile Soil) नदी में समा रही है।
प्रशासन ने मुनादी करवाकर गांवों में अलर्ट जारी किया है।
फरीदाबाद: निचले इलाकों पर खतरा
फरीदाबाद जिले में यमुना किनारे बसे गांवों और कॉलोनियों में प्रशासन ने बाढ़ की चेतावनी जारी की है।
यहां पानी का असर सबसे पहले निचले इलाकों पर पड़ता है।
कई जगहों पर खेतों में पानी भरना शुरू हो गया है।
प्रशासन ने राहत टीमों (Relief Teams) को अलर्ट पर रखा है।
प्रशासन की तैयारी और चुनौतियां
NDRF और SDRF की टीमें अलर्ट पर हैं।
बाढ़ संभावित गांवों में मुनादी और लोगों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है।
सिंचाई विभाग (Irrigation Department) लगातार हथिनीकुंड बैराज के आंकड़ों की निगरानी कर रहा है।
हरियाणा में यमुना नदी का जलस्तर 3 लाख क्यूसेक पार कर जाना खतरे की घंटी है। यमुनानगर से लेकर फरीदाबाद तक सभी जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। भूमि कटाव, बांध रिसाव और खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंताएं गहराई हैं। प्रशासन अलर्ट मोड पर है, लेकिन अगर बरसात का सिलसिला जारी रहा तो हालात और बिगड़ सकते हैं।

