योग भारत की प्राचीन विद्या : चैयरमेन सूरजभान बुमरा।

हरियाणा योग आयोग व आयुष विभाग के आदेशानुसार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 के उपलक्ष्य में जिलाभर में योग प्रोटोकोल अभ्यास का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में गांव रूपावास की व्यायामशाला में योग प्रोटोकॉल प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में खेल नर्सरीयों के छात्र-छात्राओं, व्यायामशालाओं में नियमित आने वाले योग साधकों और आमजन ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. राजकुमार ने सभी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि योग को केवल 21 जून तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाएं।
उन्होंने योग को शारीरिक, मानसिक और आत्मिक विकास का माध्यम बताते हुए नियमित अभ्यास की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में जिला योग कोऑर्डिनेटर डॉ. सुरेंद्र नागर ने सभी को कॉमन योग प्रोटोकॉल का अभ्यास करवाया। उन्होंने योग सत्र की शुरुआत प्रार्थना से करवाई, उसके बाद सूक्ष्म व्यायाम, खड़े होकर, बैठकर, पीठ और पेट के बल लेटकर किए जाने वाले विभिन्न योगासन करवाए। अंत में उन्होंने सभी को प्राणायाम, ध्यान और शांति पाठ के साथ अभ्यास का समापन करवाया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नाथूसरी चौपटा के चेयरमैन सूरजभान बुमरा ने कहा कि योग भारत की प्राचीन विद्या है और आज के समय में इसे आत्मसात करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नियमित योग करके एक स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ाएं।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि सरपंच उदयपाल ढिल्लों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि कुछ समय पहले उनकी कमर में दर्द था, लेकिन योग का नियमित अभ्यास करने के बाद अब वे पूरी तरह स्वस्थ हैं। उन्होंने योग को जीवन का अहम हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर रायपुर के सरपंच मनोज बेनीवाल, पूर्व सरपंच कृष्ण बेनीवाल, कुलवंत, ओम, वेदपाल, विनोद, सतपाल सहित सभी खेल नर्सरी कोच उपस्थित रहे।