हरियाणा में ग्रुप C के 10 हजार कर्मियों को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने दिया बड़ा फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) की ग्रुप-20 भर्ती से जुड़े मामले में बड़ा फैसला सुनाया। शीर्ष अदालत ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 27 मार्च 2026 के फैसले को चुनौती देने वाली विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) को खारिज कर दिया। इस फैसले के साथ ही हाईकोर्ट का 27 मार्च का निर्णय यथावत बना रहेगा, जिससे ग्रुप-20 सहित 24 ग्रुपों की भर्ती प्रक्रिया और चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्तियों पर किसी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ेगा।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने 27 मार्च 2026 को अपने समीक्षा निर्णय में माना था कि 24 ग्रुपों (जिसमें ग्रुप-20 भी शामिल है) की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। चयनित अभ्यर्थी नियुक्त होकर काफी समय से सेवाएं दे रहे थे, ऐसे में उन्हें बिना पक्षकार बनाए उनके चयन को प्रभावित नहीं किया जा सकता था।
हाईकोर्ट ने यह भी कहा था कि सामाजिक-आर्थिक अंकों का सीईटी-2 के लिए अभ्यर्थियों को बुलाने की मेरिट पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा था। इसलिए पूर्व में भर्ती प्रक्रिया और सीईटी परिणामों को निरस्त करने संबंधी आदेशों में त्रुटि थी। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि भविष्य के लिए आयोग को दिए गए दिशा-निर्देश केवल भावी भर्तियों पर लागू होंगे, जबकि 24 ग्रुपों के चयनित एवं नियुक्त अभ्यर्थी विधि के अनुसार सेवा में बने रहेंगे।
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सुप्रीम कोर्ट ने क्यों खारिज की एसएलपी
हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ कुछ अभ्यर्थियों ने सर्वोच्च न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर की थी। याचिका में हाईकोर्ट के निर्णय पर रोक लगाने और उसे निरस्त करने की मांग की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने एसएलपी (सी) संख्या 17373/2026, सुभेन्द्र एवं अन्य बनाम एचएसएससी आयोग एवं अन्य को खारिज कर दिया। सर्वोच्च न्यायालय ने पाया कि हाईकोर्ट का फैसला सही था और चयनित अभ्यर्थियों को बिना पक्षकार बनाए उनके चयन को प्रभावित नहीं किया जा सकता।
कितने कर्मियों को मिली राहत
इस फैसले से ग्रुप-सी में चयनित 10458 कर्मियों के सेवा में बने रहने का रास्ता साफ हो गया है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के अनुसार इन 24 ग्रुपों के पदों के लिए कुल 10450 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन किया गया था।
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया था कि भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और चयनित उम्मीदवार लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मामला अदालत के समक्ष विचाराधीन रहने के दौरान भी चयनित उम्मीदवार अपनी-अपनी सेवाएं निभाते रहे हैं।
एचएसएससी अध्यक्ष ने क्या कहा
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष हिम्मत सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह फैसला ग्रुप-20 भर्ती से जुड़े हजारों अभ्यर्थियों के हित में आया है।
हिम्मत सिंह ने इसे न्याय, सत्य और संघर्ष के साथ-साथ प्रदेश के युवाओं की मेहनत, धैर्य एवं विश्वास की जीत बताया। उन्होंने कहा कि आयोग ने हर स्तर पर तथ्यों व नियमों के आधार पर अपना पक्ष प्रभावी ढंग से रखा। सर्वोच्च न्यायालय का यह निर्णय भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता, विधिक प्रक्रिया तथा चयनित अभ्यर्थियों के अधिकारों पर विश्वास को और सुदृढ़ करता है।
हाईकोर्ट के फैसले की खास बातें
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अपने 27 मार्च 2026 के फैसले में कई महत्वपूर्ण बातें कहीं:
- 24 ग्रुपों (जिसमें ग्रुप-20 भी शामिल है) की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी
- चयनित अभ्यर्थी नियुक्त होकर काफी समय से सेवाएं दे रहे हैं
- बिना पक्षकार बनाए उनके चयन को प्रभावित नहीं किया जा सकता
- सामाजिक-आर्थिक अंकों का सीईटी-2 के लिए अभ्यर्थियों को बुलाने की मेरिट पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा
- भविष्य के लिए आयोग को दिए गए दिशा-निर्देश केवल भावी भर्तियों पर लागू होंगे
ग्रुप-20 भर्ती का विवाद
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा की गई ग्रुप-20 भर्ती लंबे समय से विवादों में घिरी हुई थी। सामाजिक-आर्थिक मानदंडों को लेकर कुछ अभ्यर्थियों ने आपत्ति जताई थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि इन अंकों का मेरिट पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।
हाईकोर्ट ने पहले के आदेशों में त्रुटि होने की बात कही, जिसमें भर्ती प्रक्रिया और सीईटी परिणामों को निरस्त कर दिया गया था। न्यायालय ने इन आदेशों को गलत करार दिया और 24 ग्रुपों की भर्ती को सही माना।
चयनित अभ्यर्थियों में खुशी की लहर
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से 10458 चयनित अभ्यर्थियों और उनके परिवारों में खुशी की लहर है। लंबे समय से चल रहे कानूनी संघर्ष के बाद अब उनकी नौकरियां पूरी तरह सुरक्षित हो गई हैं।
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने भी इस फैसले का स्वागत किया है। आयोग का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और विधिक प्रक्रिया पर विश्वास को और मजबूत करता है।
