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राजस्थान के नेठराना में भयंकर ओलावृष्टि, फसलें बिछीं जमीन पर – किसानों के अरमानों पर फिरा पानी

 
राजस्थान के नेठराना में भयंकर ओलावृष्टि

किसानों की दर्दभरी आपबीती

सरकार से मुआवजे की मांग

हनुमानगढ़ | नेठराना (भादरा क्षेत्र) हरियाणा सीमा से सटे राजस्थान के भादरा क्षेत्र के गांव नेठराना, गोगामेड़ी और आसपास के इलाकों में वीरवार को आई बेमौसम बारिश और तेज ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। अचानक बदले मौसम ने खेतों में खड़ी फसलों को बुरी तरह प्रभावित कर दिया, जिससे किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।

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पकी हुई फसलें हुईं तबाह

जानकारी के अनुसार शाम करीब 4 से 5 बजे के बीच तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई। ओले इतने ज्यादा गिरे कि खेतों में सफेद चादर बिछ गई। इस प्राकृतिक आपदा ने गेहूं, सरसों और चने की पकी हुई फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है।

कई स्थानों पर फसल पूरी तरह जमीन पर गिर गई, जिससे उसकी गुणवत्ता भी प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना तय माना जा रहा है।

 

किसानों की दर्दभरी आपबीती

स्थानीय किसान विकास, सुल्तान सिंह, जगदीश और भजन लाल ने बताया कि“फसल पूरी तरह तैयार थी, कटाई का समय चल रहा था, लेकिन अचानक आई ओलावृष्टि ने सब बर्बाद कर दिया।” किसानों का कहना है कि पहले ही खरीफ फसल अतिवृष्टि से प्रभावित हो चुकी थी, और अब रबी की फसल पर भी मौसम की मार पड़ गई है।

 कटाई पर भी संकट

ओलावृष्टि के कारण खेतों में नमी और ओलों की परत जम गई है। किसानों के अनुसार अगले 7–8 दिनों तक कंबाइन मशीनें खेतों में नहीं चल पाएंगी, जिससे कटाई में देरी होगी और नुकसान और बढ़ सकता है।

 

सरकार से मुआवजे की मांग

प्रभावित किसानों ने प्रशासन से जल्द सर्वे करवाने और वास्तविक नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है। किसानों का कहना है कि अगर समय पर राहत नहीं मिली, तो उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो सकती है।

 निष्कर्ष

नेठराना और आसपास के क्षेत्रों में हुई इस ओलावृष्टि ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बदलता मौसम किसानों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। लगातार दूसरी फसल के नुकसान ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। अब सबकी नजर सरकार और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है।

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